नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से पेट्रोल-डीजल-गैस की बचत करने की अपील की थी। इसका असर मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों के काफिले पर भी नजर आने लगा। अधिकांश सीएम ने अपने काफिले में छह से आठ गाड़ियां रखने का ऐलान कर दिया। इधर, पीएम मोदी ने खुद दो गाड़ियों के काफिले में निकल कर एक आदर्श प्रस्तुत किया, लेकिन इसका असर मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों पर नहीं दिख रहा है।
सम्राट चौधरी के काफिले में दो दर्जन गाड़ियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद बिहार में सीएम के काफिले में गाड़ियों की संख्या कम होगी। सम्राट चौधरी ने बहुत सारे निर्देश तो दे दिए हैं, लेकिन बुधवार को ही कैबिनेट बैठक के बाद वे दो दर्जन गाड़ियों के साथ बाहर निकले। वह भी तब जब पीएम मोदी के दो गाड़ियों वाले काफिले का वीडियो वायरल हो चुका था।
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सीएम योगी ने काफिला आधा किया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने और राज्य के मंत्रियों के काफिले में चलने वाले वाहनों की संख्या तत्काल 50 प्रतिशत तक कम करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि ईंधन की बचत जरूरी है। साथ ही लोगों से अनावश्यक सोने की खरीद से बचने की भी अपील की। आधा कम करने पर भी गाड़ियों की संख्या छह से आठ के करीब होती है।
एमपी के सीएम के काफिले में आठ वाहन
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या घटा दी है। अब उनके काफिले में 13 वाहनों की जगह केवल आठ वाहन शामिल होंगे। राज्य सरकार ने यह भी फैसला किया है कि दौरों के दौरान वाहन रैलियां आयोजित नहीं की जाएंगी और मंत्री न्यूनतम वाहनों का इस्तेमाल करेंगे।
दिल्ली, राजस्थान और बिहार में भी असर
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंत्रियों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों के सरकारी वाहनों की संख्या कम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दिल्ली वासियों से ऊर्जा संरक्षण के इस राष्ट्रीय अभियान में भाग लेने की अपील की। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम से कम रखने का आदेश दिया है। इसके बाद उनके काफिले में केवल पांच वाहन नजर आए। बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी अपने काफिले के वाहनों की संख्या आधी करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि केवल जरूरत पड़ने पर ही आधिकारिक यात्राएं की जाएंगी।
महाराष्ट्र और गुजरात सरकार ने भी उठाए कदम
महाराष्ट्र सरकार ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिया है कि आधिकारिक हवाई यात्रा से पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अनुमति लेना जरूरी होगा, वहीं गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा है कि वे अब हेलीकॉप्टर और विमानों की जगह ट्रेन, राज्य परिवहन बसों और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों का उपयोग करेंगे। उन्होंने अपने सरकारी काफिले को भी छोटा करने का फैसला लिया है। गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने प्रधानमंत्री की अपील के बाद अपनी प्रस्तावित अमेरिका यात्रा भी रद्द कर दी है।



