👉 यह भी पढ़ें:
- Donald Trump Warning: 60 दिन बाद Hormuz Strait पर लगेगा टोल? ट्रंप की धमकी से बढ़ी वैश्विक बेचैनी, क्या फिर भड़क सकता है Middle East Crisis?
- पश्चिम एशिया में फिर भड़का तनाव: ईरान पर अमेरिकी हमले, ट्रंप की चेतावनी से बढ़ी जंग की आशंका
- लेबनान में बढ़ा युद्ध का खतरा: इजराइल ने बड़े इलाके को घोषित किया ‘युद्ध क्षेत्र’, लोगों को तुरंत खाली करने का आदेश
- समुद्र में भारत की बढ़ी ताकत: अत्याधुनिक गश्ती पोत ‘अचल’ तटरक्षक बेड़े में शामिल
- अब बिना रुके हाईवे सफर: सूरत में शुरू हुआ देश का पहला बैरियर-फ्री टोल सिस्टम
- पश्चिम एशिया में बढ़ी सैन्य हलचल: अमेरिका ने उतारा विशाल युद्धपोत, होर्मुज जलडमरूमध्य पर सख्त रुख
0:00 left
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने एक्सप्रेसवे पर टोल पांच फीसदी बढ़ाया; आज से नई दरें लागू
एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करने वाले मोटर चालकों को सोमवार से अधिक भुगतान करना होगा। दरअसल, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने देशभर में टोल दरों में औसतन पांच फीसदी बढ़ोतरी का फैसला किया है। टोल दरों में हर साल एक अप्रैल को संशोधन होता है। लेकिन इस बार लोकसभा चुनाव के कारण बढ़ोतरी टाल दी गई थी।एनएचएआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को कहा, नई टोल दरें तीन जून से लागू होंगी। टोल दरों में बदलाव थोक मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति में बदलाव से जुड़ी दरों को संशोधित करने की वार्षिक कवायद का हिस्सा है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब 855 टोल प्लाजा हैं, जिन पर राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दरों का निर्धारण और संग्रह) नियम, 2008 के अनुसार शुल्क लगाया जाता है। इनमें से 675 सार्वजनिक वित्त पोषित टोल प्लाजा हैं। जबकि 180 रियायतग्राहियों द्वारा संचालित हैं।
टोल दरों में बढ़ोतरी के बाद दिल्ली से मेरठ और दिल्ली से हापुड़ तक के सफर के लिए लगभग आठ रुपये ज्यादा चुकाने पड़ सकते हैं, जबकि गाजियाबाद से अलीगढ़ के बीच लुहारली टोल पर सात रुपये ज्यादा चुकाने पड़ सकते हैं।दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, दिल्ली-हापुड़ एक्सप्रेसवे और गाजियाबाद-अलीगढ़ हाईवे पर टोल वसूलने की जिम्मेदारी निजी कंपनियों पर है। अनुबंध के मुताबिक हर साल टोल शुल्क में बढ़ोत्तरी का प्रावधान है लेकिन टोल दरें तय करने का अधिकार इन कंपनियों को नहीं है बल्कि एनएचएआई खुद दरें निर्धारित करता है



