पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मियों के बीच प्रवर्तन निदेशालय ने कोलकाता में बड़ी कार्रवाई करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कई ठिकानों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई से प्रशासनिक और कारोबारी हलकों में हलचल तेज हो गई है।
जांच एजेंसी ने कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास के बालीगंज स्थित आवास पर छापा मारा। इसके साथ ही कारोबारी जॉय कामदार के बेहाला स्थित घर पर भी तलाशी अभियान चलाया गया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई एक बड़े आर्थिक लेन-देन और अवैध धन के इस्तेमाल से जुड़े मामले के तहत की जा रही है।
👉 यह भी पढ़ें:
- दिल्ली में पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च पाउडर डाला, ईंट-डंडों से पीटा; तीन जवान घायल
- कोलकाता होटल में भीषण आग: 9 लोगों की मौत, 6 घायल; बंगाल में लगातार दूसरे बड़े अग्निकांड से सुरक्षा पर सवाल
- कोलकाता एयरपोर्ट के ATC भवन में लगी आग, मचा हड़कंप; कुछ ही देर में पाया गया काबू
- इंदौर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी के यहां लोकायुक्त का छापा, आय से 1.73 करोड़ अधिक मिली संपत्ति
- बिजली कंपनी इंजीनियर के यहां लोकायुक्त का छापा, आय से 258% ज्यादा प्रॉपर्टी, बेटे, बहू, दामाद के नाम करोड़ों की फैक्ट्री
- Ken-Betwa Link Project Protest: 12 दिन के आमरण अनशन के बाद पुलिस ने हटाया ‘चिता आंदोलन’, अमित भटनागर को मेडिकल जांच के लिए ले गई
सूत्रों के मुताबिक, ईडी की टीम ने कुल तीन अलग-अलग ठिकानों को निशाना बनाया है। इनमें से दो ठिकाने शांतनु सिन्हा बिस्वास से जुड़े हुए हैं, जबकि एक स्थान जॉय कामदार का है। छापेमारी के दौरान दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से जुड़े सबूतों की गहन जांच की जा रही है।
यह पूरा मामला प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत दर्ज किया गया है और कथित तौर पर सोना पप्पू तथा जॉय कामदार से जुड़े एक पुराने केस से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसियां इस मामले में धन के स्रोत, लेन-देन की प्रकृति और संभावित नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुटी हैं।
चुनावी माहौल के बीच हुई इस कार्रवाई को बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं, जिससे कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।



