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मुंबई मेयर को लेकर महायुति में नई हलचल: शिंदे के ‘ढाई-ढाई साल’ फॉर्मूले पर सियासी गहमागहमी
मुंबई में बीएमसी चुनाव में महायुति की जीत के बाद यह उम्मीद की जा रही थी कि जल्द ही नए मेयर के नाम का ऐलान हो जाएगा, लेकिन इसी बीच मुंबई की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे द्वारा अपने सभी 29 पार्षदों को होटल में ठहराने के फैसले ने सियासी चर्चाओं को तेज कर दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एकनाथ शिंदे ने मुंबई मेयर पद को लेकर भाजपा के सामने ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला रखा है। इस प्रस्ताव के सामने आते ही मुंबई की सियासत में गहमागहमी बढ़ गई है। अब इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान सामने आया है।
सीएम फडणवीस ने स्पष्ट किया कि मुंबई में महायुति का मेयर आपसी सहमति से चुना जाएगा। उन्होंने एकनाथ शिंदे द्वारा पार्षदों को होटल में ठहराने के फैसले का बचाव करते हुए कहा, “जिस तरह मैं पुणे में अपने नवनिर्वाचित पार्षदों के साथ बैठक कर रहा हूं, उसी तरह एकनाथ शिंदे ने भी मुंबई में बैठक बुलाई है। इसमें पार्षदों की खरीद-फरोख्त का कोई सवाल ही नहीं है।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “एकनाथ शिंदे, मैं और दोनों दलों के अन्य वरिष्ठ नेता जल्द ही बैठक करेंगे और मुंबई के मेयर पद को लेकर जल्द फैसला लिया जाएगा।”
फडणवीस ने दो टूक कहा कि महायुति में किसी तरह का कोई मतभेद नहीं है और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी दल मिलकर मुंबई की बेहतर सेवा करेंगे।



