राष्ट्रगान विवाद पर सियासी घमासान: जदयू का लालू परिवार पर पलटवार
बिहार में राष्ट्रगान के अपमान को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोलने के बाद, अब जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने पलटवार करते हुए लालू यादव और उनके परिवार को निशाने पर लिया है।
जदयू के एमएलसी और मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने विधान परिषद परिसर में एक 2002 की तस्वीर दिखाई, जिसमें लालू यादव राष्ट्रगान के दौरान बैठे हुए नजर आ रहे हैं। नीरज कुमार ने कहा, राष्ट्रवाद का प्रमाण पत्र देने वाले राजद नेताओं को पहले अपना इतिहास देखना चाहिए। उस समय मुख्यमंत्री राबड़ी देवी राष्ट्रगान के दौरान कुर्सी पर बैठी रहीं, जबकि अन्य लोग खड़े थे।”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि जब राज्यपाल पुरस्कार वितरण कर रहे थे, तब भी राबड़ी देवी ने संवैधानिक परंपराओं का पालन नहीं किया और राज्यपाल के जाने से पहले ही मंच छोड़कर चली गईं।
1997 में लालू यादव पर अपमान का आरोप
नीरज कुमार ने 1997 के स्वतंत्रता दिवस का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय लालू प्रसाद यादव ने राष्ट्रीय ध्वज को उल्टा फहरा दिया था। इस मामले में इंदौर में मामला दर्ज हुआ, लेकिन बिहार में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने कहा, आज जो लोग नीतीश कुमार से इस्तीफा मांग रहे हैं, पहले वे राबड़ी देवी से विपक्ष के नेता पद से इस्तीफा दिलाएं। यह लोग फर्जी राष्ट्रवादी और भ्रष्टाचारी हैं।”
तेजस्वी यादव पर भी हमला
नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे सजायाफ्ता पिता के पुत्र हैं और वे राष्ट्रवाद का ज्ञान दे रहे हैं।
उन्होंने नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा, नीतीश कुमार ने वह काम किया जो ऐतिहासिक है। उन्होंने दलित समुदाय के हाथ में राष्ट्रीय ध्वज दिया, जो सच्चे राष्ट्रवाद की मिसाल है।
इस विवाद के चलते बिहार में सियासी आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे राज्य की राजनीति में नई हलचल देखने को मिल रही है।
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