👉 यह भी पढ़ें:
- वंदे मातरम पर सियासी संग्राम: कांग्रेस-बीजेपी आमने-सामने, यूपी से केरल तक बढ़ा विवाद
- शहजाद भट्टी नेटवर्क पर भारत-पाकिस्तान आमने-सामने, विदेश मंत्रालय ने दिया सख्त जवाब
- पश्चिमी यूपी में आतंकी नेटवर्क पर बड़ा शिकंजा! 16 संदिग्ध गिरफ्तार, अमित शाह ने बताया ISI कनेक्शन
- खड़गे का बीजेपी पर तीखा हमला: ‘जिन्होंने आज़ादी की लड़ाई नहीं लड़ी, वे हमें देशभक्ति न सिखाएं’
- Amit Shah के बयान पर राहुल गांधी का पलटवार, बोले- हमें भाषण नहीं, जवाब चाहिए
- Amit Shah बोले- छात्र आंदोलन पर सदन में चर्चा के लिए तैयार है सरकार
0:00 left
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए सियासी घमासान शुरू हो चुका है। शुक्रवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भाजपा के चुनाव अभियान का शंखनाद किया। शाह ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि राहुल गांधी और लालू प्रसाद यादव की जोड़ी जंगलराज की वापसी का प्रतीक है। यह दोनों नेता बिहार को फिर से अराजकता की ओर धकेलने की कोशिश में लगे हुए हैं।
अमित शाह ने कहा कि बिहार में जब लालू यादव की सरकार थी, तब बिहार में अपहरण, हत्या और भ्रष्टाचार चरम सीमा पर था, लेकिन एनडीए की सरकार ने विकास, कानून व्यवस्था और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के बाद सूबे में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही बनेगी। बिहार की जनता ने यह तय कर लिया है कि नीतीश कुमार ही अगले मुख्यमंत्री होंगे।
14 नवंबर को मनेगी बड़ी दीपावली
शाह ने कहा कि बिहार की जनता को इस बार चार– चार दीपावली मनाने का अवसर मिल रहा है। 14 नवंबर को जब बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आएंगे और सभी सीटों पर एनडीए की जीत होगी, तब वह दिन बिहार की एक बड़ी दीपावली होगी। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि आप लोगों को जाति और भावनाओं के जाल में नहीं फंसना हैं। बल्कि विकास और सुशासन को ध्यान में रखकर मतदान करने की जरूरत है। सभा के अंत में उन्होंने एनडीए के सभी प्रत्याशियों को विजयी बनाने की अपील करते हुए कहा कि यह चुनाव केवल सीट जीतने का नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य को सुरक्षित करने का चुनाव है।
राजद ने बना दिया था बीमारू राज्य
शाह ने कहा कि आजादी के पहले एवं उसके उपरांत बिहार समृद्ध राज्य रहा है। 15 सालों के राजद के जंगलराज ने इसे बीमारू राज्य बना दिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहले चरण में जंगलराज को खत्म किया। ग्राम पंचायतों और निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया। सुशासन लाया। अब वह सुशासन बाबू कहलाते हैं। शाह ने कहा कि वर्ष 2014 में केंद्र में नरेन्द्र मोदी की सरकार बनी, इसके बाद बिहार में बड़ी–बड़ी परियोजनाएं आईं। उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं की बुद्धमता विश्व में सबसे समृद्ध है। बिहार में दुनिया को बदलने की शक्ति है।



