महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियान ‘अंतिम प्रहार’ के तहत बड़ी सफलता हासिल करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, पांच नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है, जबकि आठ माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों पर कुल 38 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस के मुताबिक केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के साथ मिलकर चलाए गए विशेष अभियान के दौरान महाराष्ट्र, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ से जुड़े माओवादियों को पकड़ा गया। करीब 100 घंटे तक चले सुनियोजित अभियान के बाद गढ़चिरौली में सक्रिय माओवादी नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने का दावा किया गया है।
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गढ़चिरौली पुलिस का कहना है कि ‘ऑपरेशन अंतिम प्रहार’ के बाद अब उनकी आधिकारिक वांछित सूची में कोई सक्रिय माओवादी नहीं बचा है।
पुलिस के मुताबिक, 13 मई को चार माओवादियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें जयाराम मोंगे गवाड़े, मुकेश उर्फ लच्छू अवलम, विजय उर्फ मंगाडू हुंगा तामो और राजिता उर्फ शंबत्ती कोसा मदवी शामिल हैं। इन पर इसी वर्ष सात फरवरी को फोडेवाड़ा मुठभेड़ में एक पुलिस जवान की हत्या में शामिल होने का आरोप है। इनके पास से राइफलें, भारी मात्रा में गोला-बारूद और माओवादी साहित्य बरामद किया गया।
इसके बाद 14 मई को कुम्नार और नैतला गांवों में चलाए गए अभियान में पुलिस ने माओवादी नेताओं राजू उर्फ मंगाडू वेको, जन्नी उर्फ नागी येमला, ज्योति उर्फ अकीला पोटावी और अम्ती उर्फ आयाती पोडियम को भी गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से भी हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि गंडेनूर जंगल क्षेत्र में छिपाकर रखे गए 63.84 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।
वहीं, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों की पहचान मधु उर्फ राकेश उर्फ बाजीराव बुक्लू वेल्डा, जीवन उर्फ जग्गू उर्फ भीमा देव मदकम, राजानी उर्फ दुर्गा उर्फ रामोटी धुर्वा, मंगाली रघु कुर्साम और लक्ष्मी डेंगा पुनम के रूप में हुई है।



