भोपाल – मोदी के शासनकाल में 17 सरकारें गिराई गईं …पटवारी

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होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी जहाज ‘टोस्का’ को कब्जे में लेने के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि यह जहाज चीन से ईरान की ओर जा रहा था और उस पर मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े दोहरे उपयोग वाले सामान होने की आशंका जताई गई है। अमेरिकी पक्ष का दावा है कि जहाज पर मौजूद सामग्री का इस्तेमाल औद्योगिक और सैन्य—दोनों उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है। शुरुआती जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि इसमें रसायन, धातु, पाइप और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसी सामग्री हो सकती है, जिन्हें मिसाइल निर्माण में उपयोग किया जा सकता है। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए निक्की हेली ने कहा कि जहाज को कई बार रुकने के आदेश दिए गए थे, लेकिन उसने निर्देशों का पालन नहीं किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चीन, ईरान को इस तरह के कार्यक्रमों में सहयोग दे रहा है। जब्त किया गया ‘टोस्का’ ईरानी शिपिंग कंपनी इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान शिपिंग लाइन्स से जुड़ा बताया जा रहा है, जिस पर पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंध लागू हैं। जहाज को ओमान की खाड़ी में चाबहार बंदरगाह के पास रोका गया। दूसरी ओर, ईरान ने इस कार्रवाई को सशस्त्र समुद्री डकैती करार देते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी थी । तेहरान का कहना है कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है और इसके गंभीर परिणाम होंगे। ईरान ने यह भी साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिकी नाकेबंदी नहीं हटाई जाती, वह इस्लामाबाद में प्रस्तावित दूसरे दौर की वार्ता में हिस्सा नहीं लेगा। गौरतलब है कि अमेरिका पहले भी वर्ष 2019 में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान शिपिंग लाइन्स पर प्रतिबंध लगा चुका है। उस समय आरोप लगाया गया था कि यह नेटवर्क ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम के लिए सामग्री की आपूर्ति में शामिल रहा है।