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“हाइड्रो-टेररिज्म” का आरोप: जरदारी ने भारत पर जंग की तैयारी का लगाया इल्ज़ाम
आसिफ अली जरदारी ने सोमवार को भारत पर एक और युद्ध की तैयारी करने का आरोप लगाया और सिंधु जल संधि पर भारत की रोक को “हाइड्रो-टेररिज्म” करार दिया।
जरदारी ने कहा, “भारतीय नेता कहते हैं कि वे एक और जंग की तैयारी कर रहे हैं। इलाके में शांति के हमेशा समर्थक रहे होने के नाते मैं इसकी सलाह नहीं दूंगा।” उन्होंने जोर देकर कहा कि इस्लामाबाद बातचीत के लिए तैयार है और भारत को जंग के मैदान से हटकर सार्थक संवाद की मेज पर आना चाहिए। उनके मुताबिक, क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता का यही एकमात्र रास्ता है।
पाक राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के लोगों को कूटनीतिक और नैतिक समर्थन देता रहेगा। उनका कहना था कि जब तक कश्मीर मुद्दे का समाधान नहीं होता, तब तक दक्षिण एशिया में स्थायी शांति संभव नहीं है।
सिंधु जल संधि पर भारत के फैसले की आलोचना करते हुए जरदारी ने आरोप लगाया कि पानी के प्रवाह को राजनीतिक फायदे के लिए हथियार बनाया जा रहा है। उन्होंने इसे “हाइड्रो-टेररिज्म” की संज्ञा दी।
जरदारी ने संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए अफगानिस्तान में आतंकी समूहों की मौजूदगी पर चिंता जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मुद्दे की अनदेखी की गई तो अन्य देश भी गंभीर हमलों का शिकार हो सकते हैं।
साथ ही, उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने सीमा पार आतंकी गतिविधियों से जुड़े सैन्य तनाव को रोकने के लिए कूटनीतिक रास्ता अपनाया है। अंत में उन्होंने दोहराया कि पाकिस्तान अपनी धरती को किसी भी देश के खिलाफ इस्तेमाल नहीं होने देगा और क्षेत्रीय शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।



