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इंदौर। लोकायुक्त की इंदौर इकाई ने खुड़ैल के नायब तहसीलदार दया राम निगम को 50 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा है। उसके साथ एक निलंबित सहायक ग्रेड 3 नरेंद्र नरवरिया को भी पकड़ा गया है।
इंदौर के लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय से एडवोकेट कृष्ण कुमार डांगी ने शिकायत की थी। इसमें कहा गया थि उसकी विधवा बुआ भगवंतिबाई, निवासी ग्राम खराडीया की भूमि के नामांतरण हेतु बाबू नरेंद्र नरवरिया द्वारा नायब तहसीलदार खुड़ैल दयाराम निगम के साथ मिलकर 50 हजार रुपए रिश्वत मांगी जा रही है। सत्यापन कराने पर शिकायत सही मिली। आज 30 सितंबर को आवेदक से रिश्वत राशि लेना तय हुआ। आवेदक को रिश्वत राशि लेकर तहसील खुड़ैल कार्यालय बुलाया। इसके बाद ट्रैप दल किया गया। तहसील कार्यालय में निलंबित सहायक ग्रेड 3 नरेंद्र नरवरिया ने आवेदक से रिश्वत राशि अपने टेबल की दराज में रखवा ली। रिश्वत राशि लेते ही आसपास तैनात लोकायुक्त दल ने आरोपी बाबू को पकड़ लिया। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7,61(2) के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है। ट्रैप दल में डीएसपी सुनील तालान,निरीक्षक आशुतोष मिठास, सऊनि रहीम खान, प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव, आरक्षक गण आदित्य भदौरिया, राकेश मिश्रा, आशीष नायडू, आशीष आर्य, शैलेन्द्र बघेल और वाहन चालक शेरसिंह ठाकुर शामिल थे।



