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ईरान में उबाल: महंगाई और गिरती करेंसी के खिलाफ 50 शहरों में प्रदर्शन, 39 की मौत
ईरान में महंगाई और गिरती राष्ट्रीय मुद्रा के खिलाफ बीते दो हफ्तों से जारी विरोध प्रदर्शन अब बड़े जनआंदोलन का रूप ले चुके हैं। गुरुवार की रात हालात और तनावपूर्ण हो गए, जब निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने लोगों से घरों से बाहर निकलकर इस्लामिक शासन के खिलाफ सड़कों पर उतरने की अपील की।
पहलवी की अपील के बाद बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे, जिसके चलते ईरानी सरकार ने हालात काबू में करने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश के कम से कम 50 शहरों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं, इन प्रदर्शनों की सबसे अहम बात यह है कि पहली बार खुले तौर पर रेजा पहलवी के समर्थन में नारे लगाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि अब तक ईरान में शाह के समर्थन में नारे लगाने पर मौत की सजा तक का प्रावधान रहा है।
न्यूज एजेंसी के अनुसार, प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में अब तक 39 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,260 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी जनता के समर्थन में बयान देते हुए कहा कि अगर लोगों की आवाज दबाने की कोशिश की गई तो “हम इसे नजरअंदाज नहीं करेंगे।”
रेजा पहलवी ने अपने बयान में कहा,ईरान पर पूरी दुनिया की नजरें हैं। सड़कों पर उतरिए, एकजुट रहिए और अपनी मांगों को बुलंद आवाज में उठाइए। मैं इस्लामिक रिपब्लिक, उसके नेताओं और रिवॉल्यूशनरी गार्ड को चेतावनी देता हूं कि दुनिया और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आप पर करीबी नजर रखे हुए हैं। जनता पर किए गए जुल्म का जवाब जरूर दिया जाएगा।”
हालात बिगड़ते देख ईरानी शासन ने इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं और कई इलाकों में टेलीफोन लाइनें भी काट दी गई हैं।



