👉 यह भी पढ़ें:
- गिनी में कचरे का पहाड़ बना मौत का मंजर, 30 लोगों की मौत; भारी बारिश के बाद ढहा लैंडफिल
- Monsoon Alert: पहाड़ों से मैदान तक बारिश का कहर, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
- मानसून का कहर: अरुणाचल से सिक्किम और हिमाचल तक भारी बारिश, बाढ़-भूस्खलन से मची तबाही
- Uttarakhand के मुक्तेश्वर में खाई में गिरी बस, कई गंभीर रूप से घायल
- सोनमर्ग में बादल फटा: सड़कों पर मलबा और कीचड़, श्रीनगर-लेह हाईवे बंद
- Chamoli के टनल में अचानक घुसा पानी और मलबा, 19 मजदूर फंसे, रेस्क्यू जारी
0:00 left
उत्तराखंड: कर्णप्रयाग में फिर भूस्खलन, मकान में घुसा मलबा, हाईवे बंद
उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग क्षेत्र में एक बार फिर भूस्खलन की घटना सामने आई है। उमटा के पास पहाड़ी से अचानक भारी मलबा खिसककर हाईवे किनारे स्थित एक मकान में घुस गया। घर में रह रहे लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है।

हाईवे बंद, यातायात बाधित
भूस्खलन की वजह से बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग भी बंद हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले रविवार को भी गौचर तलधारी के पास हाईवे पर एक बड़ा बोल्डर और मलबा गिरा था, जिसमें कई लोग बाल-बाल बचे।
कर्णप्रयाग-नेनीसैंण मार्ग भी प्रभावित
इसी तरह, कर्णप्रयाग-नेनीसैंण मोटर मार्ग पर भी आईटीआई से लगभग 500 मीटर आगे चट्टान टूटकर गिर गई थी, जिससे मार्ग बाधित हो गया। इससे कपीरीपट्टी के ग्रामीणों को डिम्मर और सिमली होकर कर्णप्रयाग पहुंचना पड़ रहा है।
मौसम विभाग का येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने दून, टिहरी, नैनीताल और चंपावत जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में बिजली चमकने के साथ तेज बारिश के दौर की संभावना जताई गई है।
अगले पांच दिन भारी
मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। कुछ पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बौछारें पड़ने की भी चेतावनी दी गई है, जिससे भूस्खलन की घटनाओं की आशंका बनी हुई है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें।



