नई दिल्ली।असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी को लेकर बयानबाजी करने के मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है। शुक्रवार को कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है।
कोर्ट ने दिए जांच में सहयोग के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा से जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा वह देश से बाहर जाने से पहले कोर्ट को सूचित करेंगे और सबूतों के साथ छेड़ाछाड़ नहीं करने का भी आदेश दिया गया है।
👉 यह भी पढ़ें:
- जंतर-मंतर पर बल प्रयोग की होगी जांच, सुप्रीम कोर्ट ने बनाई पांच सदस्यीय कमेटी
- NEET पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा-एनटीए को यूपीएससी से सीखना चाहिए
- Narayan Sai को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत, अदालत ने उम्रकैद पर रोक लगाने से किया इनकार
- Mahua Moitra को सुप्रीम कोर्ट से फटकार, अदालत ने कहा-राजनीति में उतरने के बाद क्या आपको अंडों से डर लगता है
- NEET-UG का पैटर्न बदलेगा, JEE के तर्ज पर हो सकती है परीक्षा, सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया क्या होंगे बदलाव
- NEET UG की ओएमआर शीट में गड़बड़ी, 6 अभ्यर्थी पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, काउंसिलिंग से पहले सुनवाई की मांग
आरोप राजनीतिक रूप से प्रेरित
जस्टिस जेके महेश्वरी और जस्टिस एएस चंदुरकर की बेंच ने कहा कि प्रथम दृष्टया पवन खेड़ा पर लगे आरोप राजनीतिक रूप से प्रेरित और प्रतिद्वंद्विता से प्रभावित लगते हैं। न कि ऐसी स्थिति को दर्शाते हैं, जिसके लिए आरोपी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने की जरूरत ह। कोर्ट ने कहा है कि आरोपों की सत्यता की जांच मुकदमे के दौरान की जा सकती है।
गुरुवार को फैसला रखा था सुरक्षित
कोर्ट ने गुरुवार को पवन खेड़ा की दलीलें सुनने के बाद उनकी अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में हिमंत बिस्वा सरमा के उन बयानों को भी दर्ज किया है जो उन्होंने पवन खेड़ा को लेकर दिए हैं। पूरे मामले को राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता बताते हुए कोर्ट ने इन बयानों को भी आधार बनाया है।
असम के सीएम की पत्नी ने किया है केस
असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइंया ने उनके खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पवन खेड़ा ने प्रेंस कॉन्फ्रेंस कर उन्हें लेकर फर्जी पासपोर्ट और संपत्ति के झूठे दस्तावेज पेश किए, जिस पर गुवाहाटी में पवन खेड़ा के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है।
गुवाहाटी हाईकोर्ट से नहीं मिली थी राहत
पवन खेड़ा ने पहले गुवाहाटी हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी, लेकिन कोर्ट ने उन्हें राहत नहीं दी। इसके बाद वह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और उन्होंने हिमंता बिस्वा सरमा के कुछ बयानों का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ अपमानित करने के मकसद से हिरासत में लेने की कोशिश की जा रही है।



