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कोलकाता। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी ने पैंतरा दिखाना शुरू कर दिया है। सोमवार को उन्होंने बंगाल में महाकाल का मंदिर बनवाने की घोषणा के साथ ही दुर्गा आंगन की आधारशिला भी रखी। ममता विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे तुष्टिकरण के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए खुद को सच्चे अर्थों में धर्मनिरपेक्ष बताया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सभी धर्मों और समुदायों को समान सम्मान देती है और यही उनकी राजनीति की मूल विचारधारा है।
दुर्गा आंगन की आधारशिला रखने के मौके पर उन्होंने कहा कि आज का कार्यक्रम बंगाल और बंगाल के लोगों को समर्पित है। मैं समाज के अलग–अलग वर्गों से यहां आने वाले सभी लोगों का धन्यवाद करती हूं। आज का दिन ऐतिहासिक है, क्योंकि दुर्गा आंगन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और हमें उम्मीद है कि काम बहुत जल्द शुरू हो जाएगा। दुर्गा आंगन के निर्माण के लिए एक ट्रस्ट का गठन किया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और इसका लाभ राज्य के लोगों को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्गा आंगन न केवल सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करेगा, बल्कि बंगाल के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
केंद्र सरकार पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर भी परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि वह लंबे समय से गंगासागर में पुल निर्माण को लेकर प्रयास कर रही थीं, लेकिन अब राज्य सरकार खुद इस परियोजना को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने घोषणा की कि गंगासागर में प्रस्तावित पुल की नींव 5 जनवरी को रखी जाएगी और अगले दो वर्षों में इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इसके साथ ही ममता बनर्जी ने धार्मिक स्थलों के विकास से जुड़ी एक और बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि जनवरी के दूसरे सप्ताह में सिलीगुड़ी में महाकाल मंदिर की आधारशिला रखी जाएगी।



