सोशल मीडिया पर इन दिनों भारतीय सेना के नाम पर एक भ्रामक वीडियो तेजी से फैलाया जा रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान सेना नागरिकों पर हमला कर रही थी। बिना जांचे-परखे इस वीडियो को बड़े पैमाने पर साझा किया जा रहा है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
वीडियो में कुछ सुरक्षाबलों को लोगों पर कार्रवाई करते हुए दिखाया गया है और साथ ही इसमें प्रधानमंत्री की तस्वीर का भी इस्तेमाल किया गया है, जिससे इसे और ज्यादा विश्वसनीय बनाने की कोशिश की गई। लेकिन जब इस दावे की सच्चाई सामने आई, तो यह पूरी तरह झूठ साबित हुआ।
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सरकारी एजेंसी पीआईबी फैक्ट चेक ने जांच में पाया कि यह वीडियो भारत का नहीं, बल्कि बांग्लादेश का एक पुराना वीडियो है, जिसे गलत संदर्भ में पश्चिम बंगाल चुनाव से जोड़कर फैलाया जा रहा है।
एजेंसी ने साफ किया है कि इस वीडियो में किया गया दावा पूरी तरह फर्जी है और भारतीय सेना द्वारा कहीं भी ऐसा कोई लाठीचार्ज नहीं किया गया है। आमतौर पर चुनावों के दौरान सेना की भूमिका सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित रहती है, जबकि मतदान केंद्रों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी अर्धसैनिक बलों और राज्य पुलिस की होती है।
लोगों से अपील की गई है कि इस तरह की भ्रामक सामग्री पर विश्वास न करें और किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से जरूर करें। साथ ही संदिग्ध पोस्ट की जानकारी पीआईबी फैक्ट चेक को देकर फर्जी खबरों को फैलने से रोकने में सहयोग करें।



