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मुंबई। बीएमसी के मेयर के लिए जोड़तोड़ के बीच शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत के बयान ने महाराष्ट्र की सियासत में हलचल मचा दी है। राउत का दावा है कि वे बहुमत के जादुई आंकड़े 114 से महज 6 कदम दूर हैं। इसका मतलब साफ है कि शिवसेना यूबीटी भी जोड़तोड़ में जुटी है।
संजय राउत ने कहा है कि मुकाबला अभी खत्म नहीं हुआ है और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाला गठबंधन बहुमत से केवल 6 सीट पीछे है। बीएमसी चुनावों में भाजपा ने 227 वार्डों में से 89 सीटें जीती हैं, जबकि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को 29 सीटें मिली हैं। इस तरह महायुति गठबंधन के पास कुल 118 पार्षद हो गए हैं, जो बहुमत के आंकड़े 114 से अधिक हैं। वहीं, शिवसेना यूबीटी ने 65 सीटें हासिल कर दूसरा स्थान पाया। संजय राउत का दावा है कि सहयोगी दलों के समर्थन से उनका आंकड़ा 108 तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि बहुमत के लिए सिर्फ 6 सीटों की जरूरत है। राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) ने 6 सीटें जीतीं, कांग्रेस ने वंचित बहुजन अघाड़ी (वीबीए) के साथ मिलकर 24 सीटें हासिल कीं। इसके अलावा, एआईएमआईएम को 8, समाजवादी पार्टी को 2, अजित पवार की एनसीपी को 3 और शरद पवार गुट को 1 सीट मिली है। अजित पवार की पार्टी राज्य सरकार का हिस्सा होने के बावजूद बीएमसी चुनाव अलग लड़ी थी।
महायुति में अलग ही उठापटक
भले ही महायुति (भाजपा + शिंदे + अजित पवार) सबसे मजबूत दिख रही हो, लेकिन अंदरूनी कलह चरम पर है। बीजेपी 89 सीटें जीतकर किसी भी कीमत पर अपना मेयर चाहती है। वे ढाई–ढाई साल के फॉर्मूले पर भी राजी नहीं हैं और साफ कह चुकी है 30 जनवरी को बीएमसी में भाजपा का मेयर बनेगा। एकनाथ शिंदे अपने 29 पार्षदों के दम पर ढाई साल का मेयर पद या सबसे पावरफुल स्टैंडिंग कमेटी का अध्यक्ष पद मांग रहे हैं।



