👉 यह भी पढ़ें:
- 13 गृह निर्माण संस्थाओं के ऑडिट पर कलेक्टर की सख्ती, उपायुक्त को नोटिस
- पिता की बात निकली तो कविता पाटीदार की आंखों से निकले आंसू
- खाने-पीने वाले इंदौर की पहचान मिटा रहा सयाजी होटल, जांच में मिली इतनी गड़बड़ियां कि हैरान है शहर
- गृह निर्माण संस्थाओं को एडीएम की चेतावनी-दो दिन में सारे रिकॉर्ड जमा कराओ, ऑडिट पेंडिग रहने पर लगाया जुर्माना
- नगर निगम के नामांतरण घोटाले में दो कर्मचारी निलंबित, तीन बर्खास्त
- आखिर इंदौर भाजपा में चल क्या रहा है, कालिख कांड से लेकर खुलेआम चोर ठहराने तक सब कुछ तो हो गया?
0:00 left
इंदौर। इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी से मौतों का सिलसिला अभी जारी है। भागीरथपुरा के रहने वाले हेमंत गायकवाड़ (51) की मंगलवार देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई। अब मौतों का आंकड़ा 25 पहुंच गया है।
बताया जाता है कि हेमंत गायकवाड़ उर्फ बाला 22 दिसंबर को दूषित पानी पीने के बाद अचानक बीमार पड़ गए थे। पहले उन्हें परदेशीपुरा स्थित वर्मा नर्सिंग होम में भर्ती किया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर 7 जनवरी को अरविंदो हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां कई दिनों तक चला, लेकिन उनकी जान नहीं बच पाई। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक, उन्हें सेल कार्सिनोमा नामक कैंसर और किडनी की बीमारी थी। लेकिन उल्टी दस्त के कारण एडमिट किया गया था। इसके बाद उनकी हालत खराब होती गई
हेमंत की 4 बेटियां, कमाने वाला कोई नहीं हेमंत परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। ई–रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण–पोषण करते थे। उनकी चार बेटियां– रिया (21), जिया (20), खुशबू (16) और मनाली (12) हैं। पिता की मौत के बाद परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है। गायकवाड़ की बेटी जिया ने बताया, पिताजी को उल्टी दस्त के कारण पहले 24 दिसंबर को वर्मा नर्सिंग होम में एडमिट किया था l 28 दिसंबर को उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था l इसके बाद घर पर फिर उनकी तबीयत खराब हुई और 8 जनवरी को अरविंदो अस्पताल में एडमिट किया गया l वहां पता चला कि उन्हें कैंसर और किडनी की तकलीफ भी है l दूषित पानी पीने से अभी 38 मरीज एडमिट हैं, जिनमें से 10 आईसीयू में हैं। इनमें भी तीन वेंटिलेटर पर हैं।



