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भारतीय मूल के डॉ. श्रीनिवास मुक्कमला बने अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन के पहले भारतवंशी अध्यक्ष
भारतीय मूल के डॉ. श्रीनिवास मुक्कमला को अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन (AMA) का अध्यक्ष चुना गया है। इस महत्वपूर्ण पद तक पहुंचने वाले वे पहले भारतवंशी बन गए हैं। उन्होंने AMA का 180वां अध्यक्ष बनने पर गर्व और खुशी जताई।

अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन: 178 साल पुराना संगठन
अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन, अमेरिका का सबसे बड़ा और प्रभावशाली चिकित्सा संगठन है, जिसकी स्थापना 178 साल पहले हुई थी। यह संगठन नीतिगत निर्णयों, चिकित्सकीय सुधारों और स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में अहम भूमिका निभाता है।
ब्रेन कैंसर से जूझने के बाद ऐतिहासिक उपलब्धि
डॉ. श्रीनिवास मुक्कमला, जिन्हें बॉबी मुक्कमला के नाम से भी जाना जाता है, नाक, कान, गला (ENT) रोग विशेषज्ञ हैं। इस उपलब्धि को और भी खास बना देता है वह व्यक्तिगत संघर्ष जो उन्होंने हाल ही में झेला।
नवंबर 2023 में उनकी जांच में ब्रेन कैंसर का पता चला था, जिसके बाद उनकी ब्रेन सर्जरी भी की गई। शिकागो में आयोजित समारोह में AMA अध्यक्ष के रूप में बोलते हुए उन्होंने कहा कुछ माह पहले मुझे यह भी नहीं पता था कि मैं आज यहां मौजूद रहूंगा या नहीं। लेकिन ब्रेन सर्जरी के बाद आज इस मंच पर खड़ा होना किसी सपने से कम नहीं है।”
रोगियों के अधिकारों के पक्षधर
डॉ. मुक्कमला लंबे समय से रोगियों के अधिकारों के कट्टर समर्थक रहे हैं। AMA के प्रमुख के रूप में वे बेहतर और न्यायसंगत स्वास्थ्य प्रणाली विकसित करने के लिए काम करेंगे।
शैक्षणिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि
- उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई मिशिगन यूनिवर्सिटी के मिशिगन मेडिकल स्कूल से की।
- उनकी पत्नी डॉ. नीता कुलकर्णी भी एक चिकित्सक हैं।
निष्कर्ष:
डॉ. श्रीनिवास मुक्कमला की यह ऐतिहासिक उपलब्धि न सिर्फ भारतीय मूल के चिकित्सकों के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह वैश्विक स्वास्थ्य नेतृत्व में भारतवंशियों की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करती है। उनका जीवन संघर्ष और पेशेवर समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।







