भाजयुमो इंदौर अध्यक्ष की नियुक्ति में संघ का रोड़ा, दावेदार हाथ जोड़कर पूछ रहे-आखिर हमारी क्या गलती है सरकार?

Date:

AI Audio Companion Ready to stream
0:00
0:00 left

इंदौर। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के इंदौर अध्यक्ष को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही है। एक-दो बार नाम भी भेजे गए। फिर शिकायतें भी हुईं, नई सूची बनी लेकिन फिर मामला अटक गया। अब बताया जा रहा है कि संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी टांग फंसाकर बैठ गए हैं।

उल्लेखनीय है कि भाजयुमो नगर अध्यक्ष की नियुक्ति का मामला बार-बार टलता जा रहा है। पहले जो नाम भेजे गए, उनमें कई पर आपत्ति आ गई और शिकायतें भोपाल पहुंचने लगीं। इसके बाद नाम तय करने का सिलसिला लगातार चल रहा है, लेकिन कुछ फाइनल नहीं हो पा रहा। नियुक्तियों में राजनीति भी इतनी हावी है कि कई बार तो भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर का इंदौर दौरा भी टल गया। पिछले दिनों टेलर इंदौर आए तो उम्मीदवारों में फिर से उम्मीद जगी, लेकिन मामला अभी भी वहीं का वहीं है।

👉 यह भी पढ़ें:

संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी बन रहे रोड़ा

भाजपा के सूत्र बताते हैं कि भाजयुमो इंदौर अध्यक्ष पद पर तो कब की नियुक्ति हो चुकी होती, लेकिन संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी रोड़ा बने हुए हैं। इंदौर के विधायकों और वरिष्ठ नेताओं द्वारा भेजे नाम उन्हें पसंद नहीं आ रहे। वे किसी अन्य नाम के लिए ही अड़े हुए हैं। ऐसे में अध्यक्ष के नाम का फैसला नहीं हो पा रहा।

सभी विधायक भी हैं परेशान

भाजपा के सूत्र बताते हैं कि संघ पदाधिकारी की जिद के कारण सारे विधायक भी परेशान हैं। भाजयुमो इंदौर अध्यक्ष के लिए विधायक रमेश मेंदोला, रोहित चौधरी के लिए कोशिश कर रहे हैं। विधायक मालिनी गौड़ की तरफ से मयूरेश पिंगले का नाम गया है, जबकि मंत्री पुत्र आकाश विजयवर्गीय की तरफ से अमित पालीवाल का नाम आगे बढ़ाया गया है। इधर, पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता ने धीरज ठाकुर का नाम दिया है। इनके अलावा भी विधायकों और अन्य नेताओं ने अपने समर्थकों के नाम दिए हैं।

हाथ जोड़ रहे मूल कार्यकर्ता

विधायकों ने जिन नामों की सिफारिश की है, वे अधिकांश मूल कार्यकर्ता हैं। ये लंबे समय से भाजयुमो के लिए काम कर रहे हैं। ऐसे में ये कार्यकर्ता संघ के उस वरिष्ठ पदाधिकारी से हाथ जोड़कर पूछ रहे हैं कि आखिर हमारी गलती क्या है? आखिर क्यों नहीं मिल रहा हमारी मेहनत का प्रतिसाद? माना कि संघ, भाजपा पर हावी रहता है लेकिन मूल कार्यकर्ताओं की तो उपेक्षा नहीं की जाती है। भाजपा के कई नेता भी कह रहे कि संघ की ऐसी परंपरा नहीं रही है, लेकिन पता नहीं उक्त वरिष्ठ पदाधिकारी को क्या हो गया है?

Harish Fatehchandani
Harish Fatehchandanihttp://www.hbtvnews.com
Harish Fatehchandani is a dedicated journalist with over a decade of experience in the media field. He is respected for his consistent and honest reporting.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

अमित शाह ने कहा, नक्सलवाद का अंत पांच दशक की पीड़ा मिटा नहीं सकता

अमित शाह ने नक्सलवाद के अंत और इससे जुड़ी पांच दशक की पीड़ा पर बात की। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद खत्म होने से पीड़ा स्वतः समाप्त नहीं होगी।

TRAI का नया नियम: अनजान कॉल पर दिखेगा रजिस्टर्ड नाम, ठगी पर लगेगी लगाम

TRAI का नया नियम कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन के तहत 1 नवंबर 2026 से अनजान कॉल पर कॉलर का नाम दिखेगा। इससे स्पैम और ठगी पर लगाम लगेगी।

मंत्रीजी की बैठक से अधिकांश विधायकों ने बनाई दूरी, नाराज होकर बोले-शायद उनके क्षेत्र में पानी की दिक्कत नहीं होगी

मंत्री विजयवर्गीय ने जल संकट पर बैठक बुलाई, लेकिन अधिकांश विधायक और अधिकारी अनुपस्थित रहे। पानी की कमी को लेकर क्षेत्रीय शिकायतें जारी हैं।

रजनीकांत की जेलर 2 ने एडवांस बुकिंग में 57 करोड़ का धमाल मचाया

रजनीकांत की जेलर 2 ने एडवांस बुकिंग में 57 करोड़ का धमाल मचाया है। इस फिल्म ने रिलीज से पहले ही दर्शकों का दिल जीत लिया।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: धर्म परिवर्तन पर आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा

सुप्रीम कोर्ट ने धर्म परिवर्तन और आरक्षण को लेकर फैसला सुनाया है। धर्म परिवर्तन पर आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा, कोर्ट ने साफ किया।

19 साल तक सोता रहा आईडीए, आंखों पर पट्टी बांधे बैठे रहे विभाग, सुपर कॉरिडोर की जमीन पर सुरेश भदौरिया का खेल

सुपर कॉरिडोर की 51 एकड़ जमीन पर एमओयू के बाद भी विकास नहीं हुआ। सुरेश भदौरिया के फर्जी मेडिकल कॉलेज घोटाले में शामिल होने से मामला गरमाया।

दिवाली से पहले मध्यप्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले, देखें पूरी लिस्ट

मध्यप्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले दिवाली से पहले लिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कई योजनाओं को मंजूरी मिली।

मध्य प्रदेश में पैराक्वाट पर प्रतिबंध, स्टॉक नष्ट करने के दिए निर्देश

मध्य प्रदेश में पैराक्वाट पर प्रतिबंध के साथ स्टॉक नष्ट करने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह कदम किसान और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए अहम है।

मध्य प्रदेश में 15 अक्टूबर से आंधी-बारिश का अलर्ट, किसानों और लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मध्य प्रदेश में 15 अक्टूबर से आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने किसानों और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है।

मंदसौर में 2 साल के मनवीत को पिता की शहादत पर कॉन्स्टेबल नियुक्ति

मंदसौर में 2 साल के मनवीत को पिता की शहादत पर बाल आरक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति मिली है। उज्जैन एसपी ने औपचारिकताएं पूरी कीं।