मध्य प्रदेश के सतना जिले में भारी बारिश ने मंदाकिनी नदी के जलस्तर को खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा दिया है। इससे चित्रकूट के प्रमुख धार्मिक स्थल रामघाट और भरतघाट पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं।
मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ा
मंदाकिनी नदी के जलस्तर में तेज वृद्धि हुई है, जिससे सतना जिले में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है। नदी का जलस्तर 30 फीट तक पहुंच गया, जो 23 वर्षों में सबसे अधिक है।
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इसके अलावा, रामघाट के किनारे बनी 400 से अधिक दुकानें जलमग्न हो गईं, जिससे स्थानीय व्यापारियों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा।

इन्फ्रास्ट्रक्चर को हुआ नुकसान
तेज बहाव के कारण रामघाट पर बना लोहे का फुट ओवरब्रिज बह गया। पिंडरा पुल के ऊपर पानी बहने के कारण सतना-चित्रकूट संपर्क मार्ग बाधित हो गया है।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है और प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य जारी हैं।
गांवों में हाई अलर्ट
मंदाकिनी और सिमरावल नदी के उफान के कारण सतना और आसपास के 40 से अधिक निचले गांवों में हाई अलर्ट जारी किया गया है।
लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है और प्रशासन ने राहत शिविरों की व्यवस्था की है।

राहत और बचाव कार्य
राहत कार्य के लिए भारतीय वायु सेना के 2 हेलीकॉप्टर और NDRF व SDRF की टीमें तैनात की गई हैं। इन टीमों ने बाढ़ में फंसे सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकाला है।
इसके अलावा, जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन दलों को सक्रिय कर दिया है।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने सतना, रीवा, छतरपुर और पन्ना सहित पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
अगले 48 घंटे इन क्षेत्रों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासनिक कदम
सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस के निर्देश पर जिले के सभी स्कूल 1 सितंबर 2026 तक बंद कर दिए गए हैं।
इस बीच, मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेजी से करें और प्रभावित लोगों की मदद करें।



