मध्य प्रदेश के मंडला जिले में एंबुलेंस न मिलने के कारण एक गर्भवती महिला और उसके गर्भस्थ जुड़वां बच्चों की दुखद मौत हो गई। यह घटना बीजाडांडी विकासखंड के वनग्राम सलैया में हुई।
एंबुलेंस सेवा की व्यवस्था पर सवाल
मृतका रुक्मणी नरेती को मंगलवार शाम 4:00 बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिवार ने ‘108 जननी एंबुलेंस’ सेवा पर कॉल किया, लेकिन उन्हें सूचित किया गया कि एंबुलेंस उपलब्ध नहीं है।
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परिजनों को निजी साधन का उपयोग करने की सलाह दी गई, जिससे उन्हें गहरी निराशा हुई।

खराब सड़कें बनीं मौत का कारण
एंबुलेंस न मिलने के कारण परिजन खुद एक निजी वाहन लेकर निकले। हालांकि, गांव की सड़कें अत्यधिक जर्जर और कीचड़ से भरी थीं, जिससे अस्पताल पहुंचने में काफी समय लग गया।
इस देरी के कारण वे समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सके, और डॉक्टरों ने महिला और उसके जुड़वां शिशुओं को मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का गुस्सा प्रशासन पर
मृतका के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग और 108 सेवा पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि समय पर एंबुलेंस सेवा मिलने से यह त्रासदी टल सकती थी।
परिजनों ने प्रशासन से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।

स्वास्थ्य सेवाओं की कमी
यह घटना मंडला जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को उजागर करती है। ग्रामीण क्षेत्रों में एंबुलेंस और सड़क की स्थिति बेहद खराब है, जिससे समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल पाती।
इससे पहले भी कई बार ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जहां स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के कारण लोगों को जान गंवानी पड़ी है।
आगे क्या?
इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग ने भी एंबुलेंस सेवा में सुधार के लिए कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
आशा की जा रही है कि इस तरह की घटनाएं भविष्य में न हों और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो सके।



