शिवपुरी में एक ही परिवार के चार बच्चों की रहस्यमय मौत से शहर में हड़कंप मच गया है। परिवार के चारों बच्चे 16 अगस्त को गोरा टीला के पास स्थित झरने में नहाने गए थे, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़नी शुरू हुई। इस घटना ने पूरे जिले में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है, क्योंकि एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत से आम जनता में भय व्याप्त हो गया है।
झरने में नहाने के बाद बिगड़ी तबीयत
परिजनों के अनुसार, सभी बच्चों ने 16 अगस्त को झरने में नहाया था। इसके बाद से ही उनकी तबीयत खराब होनी शुरू हुई। उनमें तेज बुखार, पेट दर्द और उल्टी-दस्त की शिकायतें हुईं। यह स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। स्थानीय लोग इस झरने को लेकर आशंका जता रहे हैं कि कहीं इसका पानी दूषित तो नहीं है।
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स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। परिवार के अन्य सदस्यों के सैंपल लिए गए हैं और प्रभावित क्षेत्र में स्क्रीनिंग की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इलाके में जाकर पानी के नमूने भी लिए हैं। वहां के जलस्रोतों की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग ने आसपास के क्षेत्रों में जागरूकता अभियान शुरू किया है।
प्रारंभिक जांच के निष्कर्ष
शिवपुरी के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषिश्वर ने पुष्टि की है कि प्राथमिक जांच में मौतें किसी गंभीर अज्ञात संक्रमण के कारण हुई हैं। यह संक्रमण कैसे फैला, इस पर अभी भी जांच चल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बीमारी किसी बाहरी तत्व के कारण भी हो सकती है।
अज्ञात बीमारी का आतंक
मलेरिया, डेंगू और कोविड-19 जैसी प्राथमिक जांच रिपोर्ट निगेटिव आई हैं। बच्चों की प्लेटलेट्स में तेजी से गिरावट देखी गई और उनमें मल्टीपल ऑर्गन फेलियर हुआ। इस स्थिति ने स्वास्थ्य विभाग को भी हैरान कर दिया है। यह घटना बताती है कि अभी भी कई अज्ञात बीमारियाँ हैं जिनके बारे में जागरूकता की आवश्यकता है।
आगे की जांच और संभावित कारण
मौत के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम और लैब टेस्ट रिपोर्ट का इंतजार है। दूषित पानी या अज्ञात वायरस/बैक्टीरिया को संभावित कारण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलस्रोतों की सही मॉनिटरिंग जरूरी है। साथ ही, इलाके में साफ-सफाई और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम करना होगा।
सामाजिक और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
इस घटना ने प्रशासन को भी सक्रिय कर दिया है। जिला प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता ली जाए। स्थानीय निकाय भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि ऐसी घटनाएं भविष्य में न हों। इसके लिए विशेष निगरानी टीम गठित की गई है।



