👉 यह भी पढ़ें:
- मोहन भागवत के अमेरिका दौरे पर विवाद! USCIRF ने वीजा रद्द करने की मांग की, भारत की धार्मिक स्वतंत्रता पर उठाए सवाल
- राहुल गांधी ने कहा- संघ ने यह तय कर लिया कि वह 1.5 अरब लोगों की सच्चाई जानता है
- खड़गे का बीजेपी पर तीखा हमला: ‘जिन्होंने आज़ादी की लड़ाई नहीं लड़ी, वे हमें देशभक्ति न सिखाएं’
- पीएम मोदी के भाषण पर छात्र आंदोलन का असर, 76 मिनट में 52 बार याद आए युवा और नौजवान
- रेवती रेंज में मंत्रीजी ने पौधों से बनवाई पीएम की ऐसी तस्वीर, मोदीजी अगर देख लें तो सिर पीट लें
- Rahul Gandhi का बड़ा बयान- मोदी और शाह को इस्तीफा देने तक सोने नहीं देंगे
0:00 left
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया डाक टिकट और 100 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि 1963 में आरएसएस के स्वयंसेवक 26 जनवरी गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हुए थे और राष्ट्रभक्ति की धुन पर कदमताल किया था। यह डाक टिकट उसी ऐतिहासिक क्षण की स्मृति को संजोता है।
पीएम मोदी ने कहा कि सिक्के पर एक ओर राष्ट्रीय चिह्न है और दूसरी ओर सिंह के साथ वरद मुद्रा में भारत माता की भव्य छवि है, जिनके सामने संघ के स्वयंसेवक समर्पण भाव से नमन करते दिखाई देते हैं। पीएम मोदी ने उल्लेख किया कि यह पहली बार है जब भारतीय मुद्रा पर भारत माता की तस्वीर अंकित की गई है। सिक्के पर संघ का बोध वाक्य भी लिखा है– राष्ट्राय स्वाहा, इदं राष्ट्राय इदं न मम।
पीएम मोदी ने कहा कि संघ को मुख्य धारा में आने से रोकने के कई प्रयास हुए, गुरुजी को झूठे मामलों में जेल भेजा गया, लेकिन संघ ने कभी कटुता नहीं अपनाई.।संघ के स्वयंसेवक समाज से अलग नहीं हैं, समाज का हिस्सा हैं और उन्होंने हमेशा लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं में विश्वास बनाए रखा। पीएम मोदी ने कहा कि समाज के अनेक चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद संघ आज भी विराट वट वृक्ष की तरह अडिग है।
पीएम मोदी डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि हमें संघ जैसे संगठन का शताब्दी वर्ष देखने को मिल रहा है। उन्होंने स्वयंसेवकों शुभकामनाएं दीं और संघ के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार को श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने समारोह के दौरान कहा, आज महानवमी है। आज देवी सिद्धिदात्री का दिन है। मैं सभी देशवासियों को नवरात्रि की बधाई देता हूं। कल विजयादशमी का महापर्व है– अन्याय पर न्याय की जीत, असत्य पर सत्य की जीत, अंधकार पर प्रकाश की जीत है।
राष्ट्रभक्ति और सेवा का पर्याय रहा है संघ
पीएम ने कहा कि संघ प्रारंभ से राष्ट्रभक्ति और सेवा का पर्याय रहा है। जब विभाजन की पीड़ा ने लाखों परिवारों को बेघर कर दिया तब स्वयंसेवकों ने शरणार्थियों की सेवा की। समाज के साथ एकात्मता और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति आस्था ने संघ के स्वयंसेवकों को हर संकट में स्थितप्रज्ञ रखा है, समाज के प्रति संवेदनशील बनाए रखा है।
सरकारों ने लंबे समय तक संघ को नहीं दी प्राथमिकता
पीएम मोदी ने संघ से जुड़े कार्यकर्ताओं की विशेषता बताते हुए कहा कि खुद कष्ट उठाकर दूसरों के दुख हरना। ये हर स्वयंसेवक की पहचान है। संघ देश के उन क्षेत्रों में भी कार्य करता रहा है जो दुर्गम हैं, जहां पहुंचना सबसे कठिन है। हमारे देश में लगभग 10 करोड़ आदिवासी भाई–बहन हैं। जिनके कल्याण के लिए संघ लगातार प्रयासरत है। लंबे समय तक सरकारों ने उन्हें प्राथमिकता नहीं दी।



