नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को रचनात्मक कांग्रेस के अधिवेशन में पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर जोरदार निशाना साधा है। राहुल गांधी ने कहा कि इन दोनों को हम इस्तीफा देने तक सोने नहीं देंगे। राहुल गांधी ने कहा कि ये लोग इतनी बातें करते थे, लेकिन 20 दिनों में ये लोग सदन में नहीं आए।
छात्रों पर कार्रवाई का आदेश किसने दिया
राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह को लेकर सवाल उठाया कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर जिस तरह की कार्रवाई हुई, उसका आदेश किसने दिया। उनका कहना है कि यदि गृह मंत्री ने कार्रवाई का आदेश दिया था तो उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए और यदि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी तो यह उनकी प्रशासनिक अक्षमता को दिखाता है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि उनका सवाल संसद में अमित शाह के किसी सामान्य भाषण को लेकर नहीं है। विपक्ष चाहता है कि गृह मंत्री स्पष्ट करें कि छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई के पीछे किसका आदेश था।
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दोनों ही स्थिति में जिम्मेदारी बनती है
राहुल गांधी के तर्क के मुताबिक अगर अमित शाह को कार्रवाई की जानकारी थी तो उन्हें उसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए और अगर जानकारी नहीं थी तो गृह मंत्री के तौर पर उनकी भूमिका पर सवाल उठता है। इसी आधार पर कांग्रेस उनके इस्तीफे की मांग कर रही है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों के साथ हुए घटनाक्रम को लेकर माफी मांगने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि छात्रों के साथ हुई कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार को जवाब देना चाहिए और पूरे मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। इसके साथ ही कांग्रेस ने अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चढ़ावे के कथित गबन के आरोपों पर भी प्रधानमंत्री से जवाब मांगा है। पार्टी का आरोप है कि इस मामले में भी सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
पुलिस ने इन्हें हटाने की बात कही थी
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर पुलिस वाले ने मेरे कान में इनको हटाने की बात की थी। उन्होंने कहा कि पीएम कभी प्रेस कॉन्फ़्रेंस क्यों नहीं करते। मैं सोचता था की इसके पीछे कोई कोई रणनीति होगी लेकिन मैं फिर 5 मिनट कमरे में बैठा और समझा की पांच मिनट में ही यह ख़त्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि ये लोग भी हमारी ताकत जानते हैं। राहुल गांधी ने कहा, ‘संसद में मैं एक दिन उस तरफ़ से गुज़र रहा था। जहां से प्रधानमंत्री आते हैं वहां सरकार के लोग बैठे होते हैं। वहां भाजपा के एक नेता ने दूसरे नेता से कहा की- यह किसी खांचे में नहीं घुसता, लेकिन हम घुस जाते हैं।
दादी के साथ अमेरिका जाने सुनाया किस्सा
इस दौरान राहुल गांधी ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर भी निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि पता नहीं किसने इनके दिमाग में डाला कि विदेश नीति का मतलब नेताओं से गले लगना है। मैं छोटा था तो अमेरिका गए थे। उस वक्त 12 साल का था। मैं, प्रियंका, मां और मेरी दादी थे। उस समय दादी प्रधानमंत्री थीं। दादी और मां राजकीय भोज पर गए और हम लोग खेल रहे थे। दोनों लौटे तो दादी बोलीं कि सोनिया इन अमेरिकियों ने मुझे एकदम बेवकूफ समझ रखा है। इस पर सोनिया जी ने कहा कि क्यों? इंदिरा गांधी ने कहा कि तुमने देखा नहीं कि जिस रंग की मेरी साड़ी थी, उसी रंग की ड्रेस रीगन ने पहनी थी।
दोस्ती करना विदेश नीति नहीं होता
राहुल गांधी ने कहा कि यह समझने की जरूरत है कि भारत का पीएम किसी से दोस्ती नहीं करता है बल्कि वह देश हित के लिए काम करता है। राहुल गांधी ने कहा कि ईरान में युद्ध होता है। यदि हिन्दुस्तान का नेता अवसर को समझता तो वह ईरान जंग में मध्यस्थता कराता, लेकिन हुआ यह कि पाकिस्तान ने जगह बना ली और वह मध्यस्थ बन गया। वहीं नरेंद्र मोदी यह देखते रह गए कि आखिर ऐसा कैसे हुआ। इस दौरान राहुल गांधी ने दावा किया कि मुझे नरेंद्र मोदी के ऑफिस के अंदर से भी खबरें मिलती हैं।
चीन पर गलत था सरकार का दावा
राहुल गांधी ने कहा कि चीन ने अरुणाचल में हमें पेट्रोलिंग से मना कर दिया. राजनाथ सिंह, अमित शाह और नरेंद्र मोदी की हवा निकल गई है। अब वो सारे अखबारों और मीडिया को कॉल कर रहे हैं कि यह बात मत छापें और मत दिखाएं। मैंने अपनी आंखों से देखा कि गलवान के बाद पीएम ने कहा कि हिन्दुस्तान की जमीन का एक इंच भी चीन ने नहीं लिया। सेना कहती है कि हिन्दुस्तान की जमीन चीन ने ली है। इससे चीन को संदेश क्या गया। जब बात हुई तो चीन के पक्ष ने कहा कि आप लोग गलत बोल रहे हैं। आपका तो पीएम ही कह रहा है कि हमारी कोई जमीन नहीं गई है। इन लोगों ने विदेश नीति को खत्म कर दिया।
संघ पर भी जमकर साधा निशाना
राहुल गांधी ने आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर कोई ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ लड़ रहा हो और डर महसूस करे तो इसे समझा जा सकता है, लेकिन यहां तो ऐसे लोगों से मुकाबला है जिन्हें वे जोकर और क्लाउन कहते हैं। उन्होंने कहा कि आरएसएस से जुड़े लोगों को भारत के दर्शन और इतिहास की समझ नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत को समझने के लिए केवल 3,000 साल पुराने इतिहास को जानना पर्याप्त नहीं है। भारत को समझने के लिए उसे आज, इसी समय और उसकी वर्तमान अभिव्यक्ति के जरिए समझना जरूरी है। पहले आरएसएस से जुड़े छोटे कारोबारी, मिठाई विक्रेता, सोनार, लोहार और बनिया समुदाय के लोग संगठन का हिस्सा थे। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इन्हीं लोगों को नुकसान पहुंचाया गया और उनके साथ धोखा हुआ।



