पंजाब के लुधियाना में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान पर पंजाब के शाही इमामों ने कड़ा विरोध जताया है। यह विवाद ‘धीरेंद्र शास्त्री बयान’ को लेकर उठ खड़ा हुआ है, जो 26 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक ग्लैडा ग्राउंड में आयोजित श्री हनुमंत कथा के दौरान सामने आया।
धीरेंद्र शास्त्री बयान पर शाही इमामों का विरोध
पंजाब के शाही इमाम मौलाना उस्मान रहमानी लुधियानवी सानी ने धीरेंद्र शास्त्री के कथित विवादित बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि ये बयान पंजाब में सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे को नुकसान पहुंचाने की नाकाम कोशिश हैं। शाही इमाम ने शास्त्री से तुरंत अपने शब्द वापस लेने की मांग की है।
इसके साथ ही, मौलाना उस्मान रहमानी ने चेतावनी दी है कि यदि ये विवादित बयान वापस नहीं लिए जाते हैं तो पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। यह कदम पंजाब की सामाजिक शांति बनाए रखने के लिए उठाया जा रहा है।

धीरेंद्र शास्त्री का धर्मांतरण को लेकर बयान
धीरेंद्र शास्त्री ने कथा के दौरान पंजाब में नशाखोरी और धर्मांतरण को गंभीर समस्या बताते हुए ईसाई मिशनरियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मिशनरी झूठे चमत्कार दिखाकर धर्मांतरण की दुकानें खोल रहे हैं। शास्त्री ने यह भी कहा कि वे ऐसे धर्मांतरण को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई करेंगे।
इसके अलावा, उन्होंने पगड़ीधारी सिखों से गुरु ग्रंथ साहिब और सिख मर्यादाओं का पालन करने का आग्रह भी किया। शास्त्री ने कहा कि सिख समुदाय को किसी भी बाहरी बहकावे में नहीं आना चाहिए।
पंजाब में सांप्रदायिक सौहार्द पर असर
धीरेंद्र शास्त्री के बयान से पंजाब की सामाजिक और धार्मिक एकता पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। पंजाब में विभिन्न धर्मों के लोग सदियों से मिल-जुलकर रहते आए हैं। ऐसे में विवादित बयान सामाजिक तनाव को बढ़ावा दे सकते हैं।
शाही इमामों का विरोध इस बात का संकेत है कि धार्मिक समुदाय इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहे हैं। यदि विवाद बढ़ता है तो यह पंजाब के सांप्रदायिक सौहार्द के लिए खतरा बन सकता है।
कानूनी कार्रवाई की संभावना
शाही इमामों ने स्पष्ट किया है कि यदि धीरेंद्र शास्त्री अपने विवादित बयान वापस नहीं लेते हैं तो वे पुलिस में शिकायत दर्ज कराएंगे। यह मामला जल्द ही कानूनी मोड़ ले सकता है।
आमतौर पर इस तरह के विवादों में पुलिस जांच और प्राथमिकी दर्ज करने के बाद मामला अदालत तक जाता है। फिलहाल, शास्त्री और उनके समर्थक इस दबाव का सामना कर रहे हैं।
आम जनता पर प्रभाव और आगे की संभावनाएं
यह विवाद पंजाब की आम जनता के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है। कई लोग इसे धार्मिक सौहार्द के लिए खतरा मान रहे हैं। वहीं, कुछ लोग इसे धार्मिक कट्टरता और असहिष्णुता की ओर बढ़ता कदम भी समझ रहे हैं।
आगे यह देखना होगा कि धीरेंद्र शास्त्री अपने बयान वापस लेते हैं या विवाद और बढ़ता है। पंजाब सरकार और प्रशासन भी इस मामले पर नजर रखे हुए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।
शाही इमामों ने शांति बनाए रखने की अपील की
शाही इमाम मौलाना उस्मान रहमानी ने सभी समुदायों से शांति बनाए रखने और विवाद को बढ़ावा न देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पंजाब में सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
वे चाहते हैं कि धार्मिक नेता अपने शब्दों में सावधानी बरतें ताकि सामाजिक सौहार्द प्रभावित न हो। इस विवाद के बीच शांति का संदेश देना जरूरी माना जा रहा है।



