उज्जैन शाही मस्जिद कार्रवाई पर AIMIM नेता मोहसिन अली खान का बयान वायरल हुआ है। यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण परियोजना के कारण 636 वर्ष पुरानी शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने का प्रयास किया गया। इस मस्जिद कार्रवाई को लेकर AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान ने मुखर विरोध जताया।
उज्जैन शाही मस्जिद कार्रवाई के कारण और परियोजना का विस्तार
सिंहस्थ 2028 के लिए कंठाल चौराहा से गोपाल मंदिर तक 15 मीटर चौड़ी सड़क बनाने की योजना है। इस सड़क चौड़ीकरण के तहत छतरी चौक स्थित शाही मस्जिद के लगभग 10 प्रतिशत से कम हिस्से को हटाना आवश्यक था। प्रशासन का कहना है कि यह हिस्सा मस्जिद कमेटी की सहमति से हटाया जा रहा है।
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इस परियोजना से करीब 14 धार्मिक स्थल प्रभावित हो रहे हैं। उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में 2000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

AIMIM नेता मोहसिन अली खान का विरोध और गिरफ्तारी
इस मस्जिद कार्रवाई पर AIMIM के मध्य प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखा और सोशल मीडिया पर कार्रवाई रोकने की मांग की। उन्होंने ऐतिहासिक विरासत की रक्षा करते हुए विकास के अन्य विकल्प खोजने की बात कही।
28 सितंबर 2026 को मोहसिन अली खान उज्जैन जा रहे थे, रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोककर हिरासत में ले लिया। उन्हें नागझिरी थाने में रखा गया।
हिरासत के बाद मोहसिन अली खान का वायरल वीडियो
नागझिरी थाने के बाहर से मोहसिन अली खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में वे अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील करते दिखे। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही इस मुद्दे पर मुकाबला करेंगे।
इस वीडियो ने उनके समर्थकों में नई ऊर्जा भर दी है और माहौल को शांतिपूर्ण बनाए रखने का संदेश भी दिया।
सड़क चौड़ीकरण के दौरान हिंसा और पुलिस कार्रवाई
28 सितंबर की सुबह जब मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई शुरू हुई, तो भारी भीड़ जमा हो गई। कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें पुलिसकर्मी घायल हुए।
पुलिस ने स्थिति को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े। प्रशासन ने उपद्रव के आरोप में 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिनमें से 15 को गिरफ्तार किया गया है।
अफवाहों का खंडन और प्रशासन का रुख
उज्जैन पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने स्पष्ट किया कि मस्जिद कमेटी ने प्रभावित हिस्से को हटाने के लिए सहमति दी थी। हालांकि सोशल मीडिया पर पूरी मस्जिद गिराए जाने की झूठी खबरें फैलाई गईं, जिससे तनाव बढ़ा।
प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है।
उज्जैन शाही मस्जिद कार्रवाई का आम जनता पर असर
यह मस्जिद कार्रवाई उज्जैन के धार्मिक और सामाजिक माहौल को प्रभावित कर सकती है। स्थानीय लोग इस विवाद को लेकर चिंतित हैं।
सड़क चौड़ीकरण से यातायात सुगम होगा, लेकिन धार्मिक स्थलों के संरक्षण को लेकर संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण है। प्रशासन और समुदाय के बीच संवाद आवश्यक होगा।



