सिंहस्थ के मद्देनजर उज्जैन में यातायात व्यवस्था की तैयारी शुरू हो चुकी है। प्रशासन और स्थानीय निकायों ने यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ और अनुशासित बनाने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। इस महापर्व के दौरान शहर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यातायात सुगमता और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
यातायात व्यवस्था सुधार के लिए स्मार्ट सिटी की पहल
उज्जैन स्मार्ट सिटी प्राधिकरण ने यातायात व्यवस्था के सुधार हेतु जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। इसके तहत हेलमेट पहनने वाले वाहन चालकों को प्रोत्साहित करने के लिए 50% तक की छूट दी जा रही है। इससे लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
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इसके अलावा नगर निगम भी नियमित चेकिंग अभियान चला रहा है ताकि यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

हेलमेट पहनने वालों को मिला तुलसी का पौधा गिफ्ट
चामुंडा माता चौराहा पर एक विशेष अभियान के दौरान हेलमेट पहनने वाले वाहन चालकों को महापौर मुकेश टटवाल ने तुलसी का पौधा भेंट किया। यह पहल नागरिकों को नियम पालन के लिए प्रोत्साहित करने का एक अनोखा तरीका है।
इस तरह की सकारात्मक पहल से न केवल सड़क सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी जाएगा।
ऑटो व ई-रिक्शा के लिए यूनिक आईडी व्यवस्था लागू
सिंहस्थ के दौरान यातायात नियंत्रण को बेहतर बनाने के लिए लगभग 5,000 ऑटो और ई-रिक्शा वाहनों को यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी। ये वाहन दिन और रात दो शिफ्टों में संचालित होंगे, जिससे ट्रैफिक संचालन में सुव्यवस्था बनी रहेगी।
इस व्यवस्था से अनियमितता कम होगी और यात्रियों को बेहतर सेवा मिलेगी।
सड़क चौड़ीकरण और चौराहों का विकास कार्य
सिंहस्थ के दौरान सहज आवागमन सुनिश्चित करने के लिए 64 से अधिक सड़कों का चौड़ीकरण किया जा रहा है। साथ ही 100 से ज्यादा प्रमुख चौराहों का पुनर्विकास भी किया जा रहा है।
महाकाल मंदिर के सामने महाकाल घाटी चौराहे तक के मार्ग को 12 मीटर से बढ़ाकर 24 मीटर किया जा रहा है। इससे भारी भीड़ के दौरान यातायात जाम से बचा जा सकेगा।
सुरक्षा के लिए पुलिस तैनाती और तकनीकी निगरानी
यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए उज्जैन शहर को 8 ज़ोन में बांटा गया है। यहां 400 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा।
साथ ही, एआई कैमरों और आईसीसीसी तकनीक का उपयोग कर निगरानी व्यवस्था को भी सशक्त बनाया जा रहा है। इससे अपराध नियंत्रण और यातायात नियमों के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई संभव होगी।
श्रद्धालुओं की भारी संख्या के लिए तैयारियां तेज
सिंहस्थ-2028 के दौरान 30 से 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान है। प्रशासन ने इस विशाल जनसैलाब के लिए यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ-साथ बुनियादी ढांचे को मजबूत किया है।
इससे न केवल श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों की दिनचर्या पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।



