उज्जैन की शाही मस्जिद पर तोड़फोड़ जारी है, जो शहर में चल रही सड़क चौड़ीकरण परियोजना से जुड़ा है। इस विवाद का केंद्र शाही मस्जिद का वह हिस्सा है जो कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर मार्ग तक फैली 15 मीटर की सड़क सीमा में आता है। इस पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने रोक लगाने से इनकार कर दिया है।
सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद के बाधक हिस्से को हटाया जा रहा है
उज्जैन विकास योजना 2035 के तहत सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई की जा रही है। इसके कारण शाही मस्जिद के उस हिस्से को हटाया जा रहा है जो सड़क के दायरे में आता है। प्रशासनिक दस्तावेजों के अनुसार पूरी मस्जिद को नहीं गिराया जा रहा है, केवल वह हिस्सा हटाया जा रहा है जो सड़क के लिए बाधक है।
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यह स्पष्ट करता है कि मस्जिद को पूरी तरह से ध्वस्त करने की कोई योजना नहीं है, बल्कि यह एक विकास कार्य के तहत सीमित तोड़फोड़ है।

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने मस्जिद प्रबंधन की याचिका खारिज की
9 सितंबर 2026 को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने मस्जिद प्रबंधन द्वारा दायर रिट याचिकाओं को खारिज कर दिया। न्यायाधीश संदीप एन. भट्ट ने उज्जैन नगर निगम के सड़क चौड़ीकरण के फैसले को सार्वजनिक हित और यातायात प्रबंधन के लिए उचित ठहराया।
इस फैसले से यह स्पष्ट हुआ कि मस्जिद के बाधक हिस्से को हटाना कानूनी रूप से वैध है और इसे रोकना संभव नहीं है।
मस्जिद कमेटी की युगलपीठ में अपील और सुनवाई की तैयारी
एकलपीठ के फैसले के बाद मस्जिद कमेटी ने हाई कोर्ट की युगलपीठ में अपील दायर की है। इसकी सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने तोड़फोड़ पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।
प्रशासन और मुस्लिम समाज के बीच सहमति के बाद स्वयं तोड़फोड़
रविवार रात को प्रशासन और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों तथा शहर काजी खलीकुर रहमान के बीच बातचीत हुई। इसमें यह सहमति बनी कि मस्जिद के बाधक हिस्से को मुस्लिम समाज स्वयं हटाएगा।
यही कारण था कि 28 सितंबर सुबह समाज के लोगों ने खुद इस हिस्से को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। यह कदम विवाद को सुलझाने का प्रयास माना गया।
पथराव और पुलिस की कड़ी कार्रवाई
हालांकि, तोड़फोड़ के दौरान अफवाहों की वजह से तनाव फैल गया। भीड़ ने पथराव किया, जिससे स्थिति बिगड़ गई। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और बल प्रयोग किया।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और क्षेत्र में लगभग 2,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए। अब तक 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें 5 पर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने का आरोप है।
शहर काजी की शांति की अपील
उज्जैन के शहर काजी खलीकुर रहमान ने वीडियो संदेश जारी कर लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने सभी से संयम बरतने और घरों में रहने को कहा।
इस संदेश से यह स्पष्ट होता है कि स्थिति अभी भी संवेदनशील है और शांति बनाए रखना आवश्यक है।



