इंदौर के राजबाड़ा क्षेत्र में हुए ई-बस दुर्घटना के बाद तोड़फोड़ की घटना में तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में पुलिस ने अभिषेक ठाकुर, विजय यादव और पंकज को नामजद किया है। राजबाड़ा बस तोड़फोड़ मामले में पुलिस की कार्रवाई ने एक बार फिर कानून व्यवस्था की ओर ध्यान आकर्षित किया है।
राजबाड़ा बस तोड़फोड़ मामले की घटना का पूरा विवरण
रविवार, 27 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 2:30 बजे राजबाड़ा के एमजी रोड थाना क्षेत्र में एआईसीटीसीएल की पीएम ई-बस अचानक अनियंत्रित होकर आगे बढ़ गई। इस बस ने एक ऑटो-रिक्शा और कई राहगीरों को टक्कर मारी। हादसे में छोटू उर्फ गणेश और जितेंद्र शर्मा की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि राधेश्याम का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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दुर्घटना के बाद वहां मौजूद भीड़ गुस्साए और उन्होंने बस पर पथराव कर तोड़फोड़ शुरू कर दी। बस के शीशे टूट गए और वाहन को भारी नुकसान पहुंचा।
तीन आरोपियों के खिलाफ एमजी रोड पुलिस ने दर्ज की FIR
एमएस कांबिंग कंपनी के सुपरवाइजर तशील की शिकायत पर पुलिस ने तीन आरोपियों—अभिषेक ठाकुर, विजय यादव और पंकज के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है। शिकायत में कहा गया है कि ये तीनों आरोपियों ने भीड़ को उकसाया और बस पर पथराव कराया। पुलिस अब अन्य आरोपियों की पहचान के लिए CCTV फुटेज की मदद से जांच कर रही है, जिससे आरोपियों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
बस चालक धनराज गांगले की हिरासत और पूछताछ
दुर्घटना के बाद भाग रहे बस चालक धनराज गांगले को पुलिस ने हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने हैंडब्रेक नहीं लगाया था, जिससे बस अनियंत्रित हो गई। उस पर लापरवाही से गाड़ी चलाने का मामला दर्ज किया गया है। इस मामले की जांच जारी है।
राजबाड़ा बस तोड़फोड़ मामले का आम जनता पर असर
इस हादसे और उसके बाद की हिंसा ने आम नागरिकों में चिंता बढ़ा दी है। सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा और व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। लोग चाहते हैं कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाएं और हिंसा न हो।
साथ ही, हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों को न्याय मिलने और पीड़ितों के इलाज का उचित प्रबंध होना जरूरी है।
पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को नामजद किया है। इसके अलावा, CCTV फुटेज और वीडियो के आधार पर अन्य आरोपियों की खोज जारी है। पुलिस का यह कदम प्रभावी कानून व्यवस्था की गारंटी के रूप में देखा जा रहा है।
आगे की जांच में दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाएं रोकने में मदद मिलेगी।
राजबाड़ा बस तोड़फोड़ मामले की पृष्ठभूमि और महत्व
यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में सुरक्षा और नियंत्रण कितना महत्वपूर्ण है। इलेक्ट्रिक बसों का संचालन बढ़ रहा है, इसलिए इनके संचालन में सावधानी और तकनीकी प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देना होगा।
राजबाड़ा बस तोड़फोड़ मामले ने शहर प्रशासन और पुलिस को सक्रिय रहने की जरूरत बताई है, ताकि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।



