झारखंड में तीसरी शादी की जिद में पति ने अपनी गर्भवती दूसरी पत्नी को नदी में धक्का दिया, जिससे एक भयावह घटना सामने आई है। यह मामला रांची जिले के अनगड़ा थाना क्षेत्र का है, जहां तीन माह की गर्भवती लखीमनी कुमारी को उसके पति ने जान से मारने की कोशिश की।
तीसरी शादी की चाहत में पति ने गर्भवती पत्नी को नदी में धकेला
रांची के अनगड़ा थाना क्षेत्र में शनिवार रात करीब 8 बजे एक पति ने अपनी गर्भवती पत्नी को राढ़ू नदी में धक्का दिया। आरोपी सुरेश महतो उर्फ मिथुनजय महतो ने अपनी पत्नी लखीमनी कुमारी को पैका जोड़ा पुल से नीचे गिराया। लखीमनी करीब तीन माह की गर्भवती हैं और यह घटना उनकी जान पर खेली गई साजिश है।
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पति की तीसरी शादी की इच्छा बनी हत्या की वजह
पुलिस जांच में पता चला है कि मिथुनजय महतो की पहली पत्नी उसे छोड़ चुकी है। उसकी तीसरी शादी करने की इच्छा ने उसे इस कृत्य के लिए प्रेरित किया। वह किसी अन्य लड़की के साथ प्रेम-प्रसंग में था और अपनी गर्भवती पत्नी को रास्ते से हटाना चाहता था। इसीलिए उसने हत्या की साजिश रची और उसे नदी में धकेल दिया।
घटना के दौरान और बाद की स्थिति
शुक्रवार को मिथुनजय ने लखीमनी को घुमाने के बहाने बाइक से जोन्हा फॉल, हुंडरू फॉल आदि जगहों पर ले गया। लौटते वक्त पैका जोड़ा पुल पर पेट दर्द का बहाना बनाकर बाइक रोकी। मौका पाकर उसने लखीमनी को नदी में धक्का दे दिया और फरार हो गया। तेज बहाव के कारण उसकी चीख-पुकार सुनाई नहीं दी।
चमत्कारिक बचाव, नदी के बीच टापू पर फंसी लखीमनी
पानी की तेज धारा में बहने के बावजूद लखीमनी तैरकर नदी के बीच बने एक छोटे टापू पर पहुंच गई। ठंड और डर के सायों में वह रातभर वहीं फंसी रही। उसकी जान बचाना एक चमत्कार जैसा था क्योंकि आसपास कोई आवास नहीं था और नदी का बहाव बेहद खतरनाक था।
ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित रेस्क्यू
रविवार सुबह करीब 4:30 बजे स्थानीय ग्रामीणों की नजर टापू पर पड़ी। उन्होंने तुरंत नदी में उतर कर लखीमनी को बचाया। ग्रामीणों ने आग जलाकर उसकी सेहत संभाली और नाश्ता कराया। इसके बाद पीड़िता के पिता को सूचित किया गया, जो तुरंत मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने दर्ज किया हत्या के प्रयास का मामला
पीड़िता के पिता के लिखित आवेदन पर अनगड़ा थाना में मिथुनजय महतो के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापामारी कर रही है। घटना ने झारखंड में घरेलू हिंसा और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घरेलू हिंसा के खिलाफ बढ़ती जागरूकता जरूरी
इस घटना से स्पष्ट होता है कि घरेलू हिंसा और महिलाओं के प्रति हिंसक प्रवृत्ति अभी भी गंभीर समस्या है। तीसरी शादी की लालसा ने एक पति को इतना क्रूर बना दिया कि उसने गर्भवती पत्नी की जान को खतरे में डाल दिया। इस तरह की घटनाएं समाज में नकारात्मक प्रभाव डालती हैं और महिलाओं की सुरक्षा की जरूरत को और बढ़ा देती हैं।
आगे की कार्रवाई और संभावित प्रभाव
पुलिस की जांच जारी है और जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी की उम्मीद है। इस मामले से समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान और सुरक्षा की बात फिर से सामने आई है। आम लोगों के लिए यह चेतावनी है कि घरेलू मामलों में हिंसा की हिम्मत न करें और पीड़ितों को उचित न्याय मिले।



