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संघर्ष विराम पर डॉ. एस जयशंकर का करारा जवाब – “धन्यवाद भारतीय सेना को देना चाहिए, न कि अमेरिका को”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम कराने का दावा किया था, जिसे भारत सरकार कई बार सिरे से खारिज कर चुकी है। हालांकि, यह मुद्दा बार-बार विभिन्न मंचों पर उठाया जाता रहा है।
हाल ही में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर जर्मनी के दौरे पर थे, जहां एक जर्मन अखबार के पत्रकार ने उनसे पूछा,
“क्या दुनिया को भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के लिए अमेरिका को धन्यवाद देना चाहिए?”
इस पर डॉ. जयशंकर ने बेबाक अंदाज में जवाब देते हुए कहा:
“संघर्ष विराम भारत और पाकिस्तान के सैन्य कमांडर्स के बीच सीधे संपर्क से हुआ था और उसी में इस पर सहमति बनी थी। उससे पहले हमने प्रभावी ढंग से पाकिस्तान के मुख्य एयरबेस और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया था। इसलिए मुझे किसे धन्यवाद देना चाहिए? मुझे लगता है कि भारतीय सेना को, क्योंकि यही वो कार्रवाई थी जिसने पाकिस्तान को यह कहने पर मजबूर किया कि वे लड़ाई रोकने को तैयार हैं।”
जयशंकर के इस जवाब ने न केवल सवाल उठाने वाले पत्रकार को निरुत्तर कर दिया, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया कि भारत अपनी कूटनीति और सैन्य कार्रवाई दोनों में आत्मनिर्भर है और संघर्ष विराम जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में बाहरी मध्यस्थता की आवश्यकता नहीं समझता।



