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ईरान-इजराइल युद्ध के बीच भारत ने छात्रों की सुरक्षित निकासी के लिए आर्मेनिया से समन्वय किया, जल्द पहुंचेगा पहला दल
ईरान और इजराइल के बीच जारी युद्ध के चलते ईरान में फंसे लगभग 10,000 भारतीय नागरिकों, जिनमें 1,500 से अधिक कश्मीरी छात्र भी शामिल हैं, को सुरक्षित निकालने के लिए भारत ने राजनयिक प्रयास तेज कर दिए हैं। इस दिशा में भारत ने ईरान स्थित आर्मेनियाई राजदूत से समन्वय स्थापित किया है ताकि छात्रों को आर्मेनिया सीमा के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

नॉरदुज चौकी से बसों के जरिए छात्रों की निकासी
भारतीय छात्रों को ईरान-आर्मेनिया सीमा स्थित नॉरदुज चौकी से बसों के जरिये बाहर लाया जा रहा है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि हवाईअड्डे बंद हैं, लेकिन जमीनी सीमाएं अभी भी खुली हैं, जिससे निकासी संभव हो पा रही है।
600 छात्रों को पहले ही स्थानांतरित किया गया
सोमवार को भारतीय दूतावास ने युद्धग्रस्त क्षेत्रों में फंसे 600 छात्रों को सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरित किया था। इनमें से उर्मिया यूनिवर्सिटी के 110 छात्रों को आर्मेनिया रवाना किया गया, जिनमें 90 छात्र कश्मीर से हैं। ये सभी छात्र अब आर्मेनिया की राजधानी येरेवन पहुंच चुके हैं। बुधवार को इन छात्रों को भारत वापस लाया जाएगा।
निकासी के लिए पूरी तैयारी, सभी छात्रों को देना होगा विवरण
छात्रों को ईरान से बाहर निकलने के लिए पहले ईरान के जनरल प्रोटोकॉल विभाग को निम्नलिखित जानकारियां देनी होंगी:
- नाम
- पासपोर्ट नंबर
- वाहन की जानकारी
- निर्गमन समय
- सीमा बिंदु (जैसे नॉरदुज)
विभिन्न विश्वविद्यालयों से छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया
- तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज,
- इस्लामिक आजाद यूनिवर्सिटी,
- ईरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज,
- शहीद बेहेश्टी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज के छात्रों को कोम शहर भेजा गया।
- शिराज और इस्फहान यूनिवर्सिटीज से छात्रों को निकालने का कार्य मंगलवार को जारी रहा।
- अराक यूनिवर्सिटी से छात्रों की निकासी के लिए भी दूतावास ने अनुरोध किया है।
आर्मेनिया को क्यों चुना गया?
- ईरान की आर्मेनिया से सीमाएं खुली हैं और वहां कोई सीमा विवाद या सैन्य तनाव नहीं है।
- येरेवन हवाई अड्डा चालू है, जिससे भारत के लिए उड़ानों का संचालन आसान है।
- भारत-आर्मेनिया के द्विपक्षीय संबंध मजबूत हैं, जिनमें रक्षा समझौते भी शामिल हैं।
- आर्मेनिया राजनीतिक रूप से स्थिर है और भारत से उसके मैत्रीपूर्ण संबंध हैं।
भारत सरकार की अपील
भारतीय दूतावास ने सभी नागरिकों और छात्रों से अपील की है कि वे
- घर के अंदर रहें,
- अनावश्यक यात्रा से बचें,
- और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
इस संकटपूर्ण समय में भारत का यह संगठित और तेज़ रेस्क्यू अभियान न केवल विदेशों में रह रहे भारतीयों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि संकट प्रबंधन में कूटनीतिक कौशल का भी परिचय देता है।



