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इंदौर। हिन्दू धर्म में देवउठनी या देव प्रबोधिनी एकादशी का बहुत महत्व है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा से जागते हैं। इस बार देव उठनी एकादशी को लेकर पंडितों में मतभेद चल रहे हैं। इसलिए कुछ जगह यह 1 नवंबर को तो कई स्थानों पर 2 नवंबर को मनाई जा रही है, लेकिन ज्योतिषियों की राय में 1 नवंबर के दिन पूजन और उपवास करना उचित रहेगा। इस बार देव उठनी एकादशी पर कई दुलर्भ संयोग भी बन रहे हैं। थोड़े उपायों से आप भगवान विष्णु को प्रसन्न कर सकते हैं।
ज्योतिषियों के अनुसार देव उठनी एकादशी की तिथि 1 नवंबर सुबह 9:11 बजे से शुरू होकर 2 नवंबर सुबह 7:31 बजे तक रहेगी। यानी एकादशी तिथि दोनों दिनों में मौजूद है। वैदिक नियमों के अनुसार, व्रत हमेशा उदयातिथि में किया जाता है। इस आधार पर 2 नवंबर व्रत का दिन होना चाहिए, लेकिन इस साल हरिवासर 2 नवंबर दोपहर 12:55 बजे तक रहेगा। कुछ ज्योतिषियों की राय में गृहस्थ लोगों को 1 नवंबर को ही व्रत रखना चाहिए, जबकि वैष्णव भक्त 2 नवंबर को उपवास करेंगे।
एक नवंबर को बन रहे कई शुभ संयोग
देवउठनी एकादशी 1 नवंबर को कई शुभ और दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। इस दिन रवि योग, वृद्धि योग, ध्रुव योग, हंस राजयोग और रूचक राजयोग बन रहा है। इसलिए 1 नवंबर को भगवान विष्णु की पूजा का और महत्व बढ़ जाता है। अगर आप देवउठनी एकादशी पर विधि–विधान से पूजा करने के साथ–साथ कुछ उपाय और दान कर लें तो आपको धन-धान्य और सुख-शांति की कमी नहीं रहेगी।
तुलसी की पूजा कर दीपक जलाएं
देवउठनी एकादशी पर शाम को प्रदोष काल में तुलसी के पास 5 घी के दीये जरूर जलाने चाहिए। इसके साथ ही ओम नमो भगवते नारायणाय मंत्र का जाप करते हुए 7 या 21 बार वृक्ष की परिक्रमा करें। ऐसे करने से आपको अपने कार्यों में सफलता मिलती है। तुलसी के पौधे के तने में एक लाल रंग कलावा या धागा बांध दें। इसके बाद, वहां बैठकर श्रद्धापूर्वक तुलसी चालीसा का पाठ करें। साथ ही, तुलसी पर चूड़ी, सिंदूर, बिंदी, चुनरी और बिछिया अर्पित करें। अगले दिन सुबह सुहाग के सामान को तुलसी के पास से उठाकर किसी जरूरतमंद सुहागिन महिला को दान कर दें और उनका आशीर्वाद भी जरूर लें। इस उपाय से दांपत्य जीवन अच्छा तो रहेगा ही, परिवार के सदस्यों के लिए भी यह लाभकारी है।
तुलसी के पौधे को अर्पित करें कच्चा दूध
देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी के पौधे पर कच्चा दूध अर्पित करें और गमले के सामने एक घी का दीपक जरूर जलाएं। माना जाता है कि तुलसी के पौधे में माता लक्ष्मी का वास होता है। ऐसे में अगर आप देवउठनी एकादशी के दिन यह उपाय करते हैं, तो इससे धन की देवी लक्ष्मीजी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आप तुलसी की जड़ में गन्ने का रस भी चढ़ा सकते हैं। ऐसा करने से आपकी आर्थिक परेशनियां दूर होंगी।
एकादशी के दिन दान का बहुत महत्व
देवउठनी एकादशी को आप विधि–विधान से पूजा करने के बाद जरूरतमंद व्यक्ति को गर्म और ऊनी कपड़े दान कर सकते हैं। सर्दियां अब शुरू होने वाली हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से काफी फायदा होता है। इसके अलावा किसी जरूरतमंद या गरीब को 7 प्रकार के अनाज दान कर सकते हैं। इससे आपकी धन-संपदा में वृद्धि होगी।
घर के मुख्य दरवाजे पर जलाएं दीपक
देवउठनी एकादशी की रात घर के मुख्य दरवाजे पर घी के दीपक जरूर जलाएं, अगर गाय का घी हो तो ज्यादा अच्छा रहेगा। माना जाता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, सुख–शांति बनी रहती है और धन-संपदा में वृद्धि होती है। इसके साथ ही रात में अपने रसोईघर में भी घी का दीपक जलाएं। इससे माता अन्नपूर्णा प्रसन्न रहती हैं।



