भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ ओली दाराजली दोस्तलिक’ प्रदान किया गया है। ताशकंद के कुकसारॉय राष्ट्रपति पैलेस में आयोजित भव्य समारोह में यह प्रतिष्ठित पुरस्कार दिया गया। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने स्वयं पीएम मोदी को यह सम्मान भेंट किया।
उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 140 करोड़ भारतीयों को समर्पित
दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने यह पुरस्कार दोनों देशों की ऐतिहासिक मित्रता को समर्पित किया। इसके साथ ही उन्होंने भारत के 140 करोड़ नागरिकों का आभार व्यक्त किया। गौरतलब है कि यह किसी विदेशी राष्ट्र द्वारा पीएम मोदी को दिया गया 36वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।
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इसके बाद दोनों शीर्ष नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने का संकल्प लिया। दोनों देशों ने वर्ष 2026 में अपनी रणनीतिक साझेदारी के 15 वर्ष पूरे होने को भी रेखांकित किया।

संबंधों को मिला व्यापक रणनीतिक साझेदारी का नया दर्जा
इस ऐतिहासिक बैठक के दौरान दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को उन्नत किया गया। नतीजतन अब दोनों देशों के रिश्तों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ का आधिकारिक दर्जा मिल गया है। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति ने भारत को एक बेहद विश्वसनीय और मजबूत रणनीतिक साझेदार बताया।
इसके अलावा दोनों देशों ने विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का ठोस फैसला लिया। इससे क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक हितों को बड़ा संबल मिलेगा।
दीर्घकालिक यूरेनियम आपूर्ति पर बनी दोनों देशों में सहमति
वार्ता में भारत की भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं पर विशेष चर्चा की गई। इसलिए भारत और उज्बेकिस्तान ने यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति के समझौते पर आपसी सहमति जताई। यह अहम कदम भारत के नागरिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को आवश्यक मजबूती प्रदान करेगा।
गौरतलब है कि इस समझौते से भारत में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन की गति तेज होगी। वहीं औद्योगिक विकास और बिजली आपूर्ति की बढ़ती घरेलू मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।

वर्ष 2030 तक 5 बिलियन डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य
बहरहाल दोनों देशों ने आर्थिक संबंधों को गति देने के लिए नया व्यापारिक लक्ष्य निर्धारित किया है। द्विपक्षीय व्यापार को वर्ष 2030 तक बढ़ाकर 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाया जाएगा। वर्तमान में दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार 1 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है।
इस बीच दोनों पक्षों ने आपसी कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भी पूरा जोर दिया।
- दोनों देशों के बीच वर्तमान में प्रति सप्ताह 14 सीधी उड़ानों का संचालन जारी है।
- आपसी संयुक्त उद्यमों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान सात गुना की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई है।
- कारोबारी आदान-प्रदान बढ़ने से दोनों देशों के स्थानीय उद्योगों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान और शहरी विकास में साझा सहयोग
इसके अलावा दोनों देशों के बीच तीन ‘सिस्टर-सिटी’ और ‘सिस्टर-स्टेट’ समझौतों को औपचारिक रूप दिया गया। उज्बेकिस्तान फिलहाल ‘नया ताशकंद’ नाम से एक आधुनिक शहर का निर्माण कर रहा है। इस संदर्भ में भारत के गुजरात स्थित गिफ्ट सिटी मॉडल को अध्ययन के लिए आदर्श माना गया।
दरअसल पीएम मोदी ने उज्बेकिस्तान के विशेषज्ञ प्रतिनिधिमंडल को भारत आने का निमंत्रण दिया। इससे आधुनिक तकनीक और शहरी नियोजन के क्षेत्र में दोनों देश आपसी अनुभवों का लाभ उठा सकेंगे।



