हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। चंबा-मसरूंड मार्ग पर छतरूंड के पास एक बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर करीब 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। हादसा इतना भयावह था कि वाहन में सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, बोलेरो (HP-01C-2581) में ग्राम महल पंचायत के सपरोठ गांव के छह लोग और एक चालक सवार थे। मृतकों में तीन महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। सभी लोग काकड़ोथा गांव में आयोजित एक मुंडन संस्कार में शामिल होकर अपने घर लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में यह खुशी का सफर दर्दनाक त्रासदी में बदल गया।
👉 यह भी पढ़ें:
- एक ही सुबह कई बार कांपी धरती: नासिक से चंबा और अफगानिस्तान तक भूकंप के झटके
- Chamba Bus Accident: चुराह में बड़ा सड़क हादसा, दूसरी सड़क पर जा गिरी निजी बस; ड्राइवर-कंडक्टर समेत 8 की मौत
- Monsoon Fury in India: असम में बाढ़ से 21 मौतें, 5.64 लाख लोग प्रभावित; J&K से हिमाचल तक बारिश और भूस्खलन ने मचाई तबाही
- Himachal Pradesh Weather Alert: 20-21 जुलाई को तबाही मचा सकती है बारिश! IMD ने जारी की भारी बारिश, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की चेतावनी
- Himachal Pradesh Weather Alert: 6 दिन तक भारी बारिश का खतरा! Landslide, Flash Flood का अलर्ट, स्कूल बंद…
- Monsoon 2026: कहीं राहत तो कहीं तबाही! बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन से कई राज्य बेहाल, IMD ने जारी किया Red Alert
बताया जा रहा है कि छतरूंड के पास अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया और बोलेरो सड़क से फिसलकर गहरी खाई में जा समाई। खाई की गहराई करीब 500 मीटर होने के कारण राहत और बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण रहा।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी सात शवों को खाई से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
प्रशासन दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में जुटा है। शुरुआती जांच में सड़क की स्थिति, वाहन की रफ्तार और संभावित तकनीकी खराबी जैसे पहलुओं को खंगाला जा रहा है। इस हादसे के बाद सपरोठ पंचायत में मातम पसरा हुआ है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
गौरतलब है कि चंबा और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में संकरी सड़कें, तीखे मोड़ और गहरी खाइयां अक्सर सड़क हादसों की वजह बनती हैं। यह दुर्घटना एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।



