👉 यह भी पढ़ें:
- दिल्ली रेस क्लब पर चला बुलडोजर, केंद्र के कब्जे में 53 एकड़ जमीन
- दिल्ली में पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च पाउडर डाला, ईंट-डंडों से पीटा; तीन जवान घायल
- दिल्ली में CNG भरते समय ट्रक में धमाका, 2 की मौत, 5 घायल
- IIT Delhi के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए पीएम मोदी, छात्रों से कहा-कैंपस से अलग चलती है जिंदगी
- पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव पर हमला, आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे, तभी चाकू लेकर घुसा एक शख्स
- दिल्ली में आज दिखा विपक्ष का दम, राहुल गांधी और प्रियंका के प्रदर्शन से मचा हड़कंप, सरकार के माथे पर भी पड़ा बल
0:00 left
नई दिल्ली। दिल्ली के साकेत कोर्ट के एक कर्मचारी ने कोर्ट की इमारत से कूदकर अपनी जान दे दी। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उने काम के दबाव और मानसिक तनाव का जिक्र किया है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार आत्महत्या करने वाले कर्मचारी का नाम हरीश सिंह महार है। हरीश ने अपने सुसाइड नोट में लिखा था कि वह 60 प्रतिशत दिव्यांग हैं और नौकरी उनके लिए बहुत मुश्किल होती जा रही थी। उन्होंने यह भी लिखा था कि उन्हें नींद आनी बंद हो गई थी और वह अत्यधिक तनाव जैसी समस्या से जूझ रहे थे। तनाव के चलते उन्होंने समय से पहले रिटायरमेंट लेने पर भी विचार किया, लेकिन नियमों के कारण पेंशन 60 वर्ष की आयु में ही मिलती। उन्होंने जान देने से पहले अपील की कि दिव्यांग कर्मचारियों के लिए कोर्ट कुछ हल निकाले ताकि भविष्य में किसी और को कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। हरीश रावत ने अपनी मौत का जिम्मेदार खुद को ही ठहराया है और किसी पर कोई इल्जाम नहीं लगाया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और परिसर में सिक्योरिटी टाइट कर दी गई है।



