नीट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बीजेपी ने उठाई मांग, परीक्षा प्रक्रिया को फ्रॉड बताने पर माफी मांगें राहुल

Date:

नई दिल्ली। लोकसभा में बहस के दौरान नीट को फ्रॉड बताने पर भाजपा ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से माफी मांगने को कहा है। भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कर दिया है कि नीट का पेपर व्यवस्थित तरीके से लीक नहीं हुआ है। पटना और हजारीबाग में लीक हुआ पेपर कुल 155 प्रतिभागियों तक पहुंचा था, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है और उन्हें आगे परीक्षा में बैठने पर रोक लगा दी गई है।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी ने जिस तरीके से पिछले एक महीने से देश की परीक्षा प्रक्रिया के खिलाफ अविश्वास फैलाने और देश की छवि धूमिल करने का प्रयास किया है, वह अत्यंत शर्मनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए सदन के अंदर और बाहर देश की परीक्षा व्यवस्था के खिलाफ गैर जिम्मेदाराना वक्तव्य देकर देश को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा परीक्षा से किया इनकार

सच्चाई यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने 2022, 2023 और 2024 के परीक्षा परिणामों की समीक्षा करने के बाद उनमें किसी प्रकार की विसंगति नहीं पाई है। इसी कारण सुप्रीम कोर्ट ने नीट दोबारा कराने की जरूरत नहीं बताई। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यहां तक कह दिया कि नीट की पवित्रता और ईमानदारी से कोई समझौता नहीं हुआ है।

Ardhendu Bhushan (Consulting Editor)
Ardhendu Bhushan (Consulting Editor)http://www.hbtvnews.com
Ardhendhu Bhushan is a senior consulting editor with extensive experience in the media industry. He is recognized for his sharp editorial insight and strategic guidance.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

Recent News
Related

लखनऊ। महिला आरक्षण बिल को लेकर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने रविवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें उन्होंने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। सीएम योगी ने कहा कि जिस दिन यह बिल पास होने जा रहा था, उस दिन संसद में विपक्ष का रवैया द्रौपदी के चीर हरण जैसा था। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि सपा तुष्टिकरण की राजनीति करती है। मुस्लिम बहनों के लिए आरक्षण की मांग करते हैं, जबकि हमारा संविधान किसी को भी धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के दिन विपक्ष ने महिलाओं की अपेक्षाओं में पानी फेरा है। उस दिन को उन्होंने काला दिन बना दिया। इसके विरोध में महिलाएं लगातार प्रदर्शन कर रही हैं। आने वाले समय में वोट की ताकत से भी महिलाएं विपक्ष को सबक सिखाएंगी। सीएम ने कहा कि संसद का विशेष अधिवेशन इसी बात के लिए हुआ था, राज्यों के हक का भी इस दौरान पूरा ध्यान रखा गया। सभी राज्यों में सीटें समान अनुपात में बढ़ाई गई, किसी का हक कम नहीं होना था। उत्तर के राज्य हों या दक्षिण के राज्य। सदन के अंदर इंडी गठबंधन की टिप्पणियां, द्रौपदी के चीर हरण जैसा दृश्य था। समाजवादी पार्टी ने मुस्लिम महिलाओं के आरक्षण के बात की, ये संविधान की दुहाई देने वाले लोग बाबा साहब की भावना के विपरीत आचरण करते हैं। संविधान बनते वक्त धर्म के आधार पर आरक्षण की बात आई तो बाबा साहब ने कहा था के एक बार विभाजन हो गया, दोबारा विभाजन नहीं हो सकता। पीएम मोदी की नजर में सिर्फ चार जातियां सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी ने कहा था देश में चार ही जाति है। नारी, युवा, गरीब और किसान। भारत को कमजोर करने की नीयत से जिन्होंने जातिवाद के नाम पर देश को लूटा है उनके लिए ये एक चुनौती थी। इसीलिए, उन्होंने ऐसे प्रोग्रेसिव कदम का कांग्रेस और उनके पार्टनर ने विरोध किया है। आधी आबादी के मन में विपक्ष के इस नारी विरोधी आचरण को लेकर भारी आक्रोश है। कांग्रेस, सपा, आरजेडी, तृणमूल, डीएमके जैसे जो दल इस पाप में भागी थे, उनसे आधी आबादी आक्रोशित है। ये लोग सुधारवादी कदमों के बैरियर के रूप में आगे जाकर षडयंत्र करता है। कांग्रेस ने किसी के लिए अच्छा नहीं किया सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी बताए के महिला आरक्षण से जुड़ा ये मुद्दा प्रोग्रेसिव कदम था। वो तब कहां थे जब शाह बानो प्रकरण में कांग्रेस ने पाप किया था। पीएम मोदी ने देश में ट्रिपल तलाक पर कानून बनाया तो भी इन लोगों ने विरोध किया था। आज महिलाओं के हक की दुहाई देने वालों ने देश में सबसे अधिक समय तक शासन किया, लेकिन नारी, युवा, किसान और गरीब के लिए ये कुछ अच्छा नहीं कर पाए।  योगी ने कहा कि जो मुस्लिम महिलाओं की बात करते हैं। तब कहां थे जब शाहबानो प्रकरण में कांग्रेस ने वह कृत्य किया था। प्रधानमंत्री ने ट्रिपल तलाक पर प्रतिबंध लगाया। उस कानून का भी कांग्रेस और इंडी गठबंधन के सहयोगियों ने विरोध किया था।