👉 यह भी पढ़ें:
- दिल्ली रेस क्लब पर चला बुलडोजर, केंद्र के कब्जे में 53 एकड़ जमीन
- दिल्ली में पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्च पाउडर डाला, ईंट-डंडों से पीटा; तीन जवान घायल
- दिल्ली में CNG भरते समय ट्रक में धमाका, 2 की मौत, 5 घायल
- IIT Delhi के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए पीएम मोदी, छात्रों से कहा-कैंपस से अलग चलती है जिंदगी
- पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव पर हमला, आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे, तभी चाकू लेकर घुसा एक शख्स
- दिल्ली में आज दिखा विपक्ष का दम, राहुल गांधी और प्रियंका के प्रदर्शन से मचा हड़कंप, सरकार के माथे पर भी पड़ा बल
0:00 left
नई दिल्ली। दिल्ली की सीएम की कुर्सी पर नए मुख्यमंत्री के रूप में आतिशी काबिज हो गई हैं। दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने शनिवार को राज निवास में आतिशी को सीएम पद की शपथ दिलाई। आतिशी के साथ पांच विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। शपथ ग्रहण के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित आप के कई नेता मौजूद थे।
उल्लेखनीय है कि आतिशी दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री बन गई है। इससे पहले शीला दीक्षित और सुषमा स्वराज इस पद की शोभा बढ़ा चुकी हैं। आतिशी दिल्ली की सबसे युवा मुख्यमंत्री भी हैं। आतिशी सरकार में जिन विधायकों को मंत्री बनाया गया है, उनमें से ज्यादातर पुराने चेहरे हैं। नए चेहरे में सिर्फ मुकेश अहलावत हैं। अहलावत 2020 में सुल्तानपुर माजरा से पहली बार विधायक बने थे। इसके साथ ही वे उत्तरी पश्चिम दिल्ली में आप का दलित चेहरा माने जाते हैं। अहलावत के अलावा सौरभ भारद्वाज, कैलाश गहलोत, गोपाल राय और इमरान हुसैन को भी मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। ये चारों केजरीवाल सरकार में पहले भी मंत्री रह चुके हैं।
केजरीवाल ने सौंपी है गद्दी
तिहाड़ जेल से बाहर आने के बाद केजरीवाल ने कहा था कि जब तक जनता उन्हें ईमानदारी का प्रमाण पत्र नहीं देती, तब तक वे दिल्ली की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे। इसके साथ ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। आप विधायक दल की बैठक में केजरीवाल ने ही आतिशी का नाम लिया था। केजरीवाल जब तक जेल में थे तक आतिशी ने ही पूरा कामकाज संभाला। बताया जाता है कि आतिशी के पास 14 से ज्यादा विभाग थे।



