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देशभर में मूसलाधार बारिश का कहर: बाढ़, जान-माल का नुकसान और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर असर
देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई नदियां उफान पर हैं और बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, त्रिपुरा, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में नुकसान की खबरें आ रही हैं।
वाराणसी और प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ा
उत्तर प्रदेश के वाराणसी और प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। वाराणसी में मणिकर्णिका घाट समेत कई घाट जलमग्न हो गए हैं और एक मंदिर भी पानी में समा गया है। प्रयागराज में राम घाट पूरी तरह डूब चुका है। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के अनुसार, देशभर में 17 स्थानों पर नदियां चेतावनी स्तर या उससे ऊपर बह रही हैं, जिनमें चार जगहों पर पानी खतरे के निशान को पार कर चुका है।

नागपुर में एक की मौत, 71 गांव जलमग्न
महाराष्ट्र के नागपुर जिले में भारी बारिश के कारण 71 गांव बाढ़ से घिर गए हैं। जिले का संपर्क शेष भागों से टूट गया है। नागपुर में पिछले 24 घंटों में 172.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है। उफनते नालों में दो लोग बह गए, जिनमें से एक की मौत हो गई और एक लापता है। जिले में सभी स्कूल-कॉलेजों को बंद कर दिया गया है।
त्रिपुरा में 100 से अधिक परिवार बेघर
दक्षिण त्रिपुरा में अचानक आई बाढ़ के कारण मुहुरी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। 100 से अधिक परिवारों के घरों में पानी भर गया है और उन्हें राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। जिले के सभी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों को एहतियातन बंद कर दिया गया है।
राजस्थान में राजमार्ग ढहा, भारी बारिश की चेतावनी
राजस्थान के झुंझुनूं जिले में कतली नदी के उफान के कारण एक नवनिर्मित राजमार्ग खंड बह गया। यह खंड अभी उद्घाटन का इंतजार कर रहा था। इस घटना ने निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हनुमानगढ़ में 98 मिमी बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी राजस्थान में 10 जुलाई से और पश्चिमी राजस्थान में 12 जुलाई से भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
जम्मू-कश्मीर में बादल फटने की घटना, पारा गिरा
किश्तवाड़ जिले में पहाड़ी क्षेत्र में बादल फटने से नदी-नालों में उफान आ गया है। चिनाब नदी का जलस्तर भी बढ़ा है। हालांकि, अब तक किसी जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। श्रीनगर में भारी बारिश के बाद तापमान सामान्य से 8 डिग्री नीचे आ गया है, जिससे कश्मीरवासियों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।
पूर्वी भारत में तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी
पश्चिम बंगाल के बर्धमान, झारग्राम, पुरुलिया और बांकुड़ा जिलों में भारी बारिश की संभावना है। 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। गंगा के तटीय क्षेत्रों में कम दबाव का क्षेत्र बनने से झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी अगले दो दिनों तक भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 14 जुलाई तक देश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इससे बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।



