हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया है। लगातार हो रही भारी बारिश, बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं ने पूरे प्रदेश में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। इस मानसून सीजन में बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में अब तक 66 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि भूस्खलन और मलबा आने के कारण करीब 100 सड़कें बंद हैं।
राजधानी शिमला समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बुधवार को रुक-रुककर भारी बारिश होती रही। मौसम विज्ञान केंद्र ने 28 जुलाई तक हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। 23 जुलाई को किन्नौर और लाहुल स्पीति को छोड़कर प्रदेश के बाकी 10 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
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10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 100 सड़कें बंद
मौसम विभाग के मुताबिक 24 से 26 जुलाई के बीच चंबा, कांगड़ा, सिरमौर, शिमला, मंडी, कुल्लू, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और ऊना के अलग-अलग क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है।
लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और मलबा गिरने से प्रदेशभर में करीब 100 सड़कें बंद हैं। कई इलाकों में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है और लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश और भूस्खलन की लगातार घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों को नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन की आशंका वाले संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करें।

कांगड़ा की बोह घाटी में तबाही के निशान
कांगड़ा जिले के शाहपुर उपमंडल की बोह घाटी में बादल फटने की घटना के दूसरे दिन भी तबाही का मंजर देखने को मिला। बादल फटने से क्षेत्र में मक्की की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। कई सड़कें और संपर्क मार्ग बंद हैं, जबकि कुछ पुलियां भी बह गई हैं। इसके चलते कई गांवों का एक-दूसरे से संपर्क टूट गया है।
गड़घूं क्षेत्र में बुधवार को एक बार फिर भूस्खलन की घटना सामने आई, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल है।
प्रशासन की ओर से करीब 160 प्रभावित लोगों के ठहरने की व्यवस्था राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बोह में की गई है।
15 घरों पर मंडरा रहा खतरा
वहीं, नियांगल पंचायत के मियोली गांव में नाले का बहाव बदलने से करीब 15 घर खतरे की जद में आ गए हैं। यहां चार परिवारों के मकानों और आंगन को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
स्थानीय लोगों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अपने घरों, खेतों और रोजमर्रा की जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने की है।
पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए बढ़ी चिंता
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण एक बार फिर पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पहाड़ी इलाकों में अचानक मौसम बदलने और सड़कें बंद होने की घटनाएं यात्रा को जोखिम भरा बना रही हैं।
प्रशासन और मौसम विभाग लगातार लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। ऐसे में पर्यटकों को भी मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की जरूरत है।



