Monsoon News | Reservoir Water Level | IMD Weather Update: देशभर में मानसून सक्रिय है और कई राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। लेकिन इस बीच एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश के 166 प्रमुख जलाशयों में उनकी कुल क्षमता का सिर्फ 26% पानी ही उपलब्ध है।
भारी बारिश के बावजूद क्यों नहीं भर रहे बांध?
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विशेषज्ञों के अनुसार, इसका सबसे बड़ा कारण बारिश का असमान वितरण (Uneven Monsoon Distribution) है। कई इलाकों में अत्यधिक बारिश हो रही है, जबकि अधिकांश जलग्रहण (Catchment) क्षेत्रों में अपेक्षित वर्षा नहीं हुई। इसी वजह से बड़े बांधों में जल स्तर तेजी से नहीं बढ़ पा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, देश के लगभग दो-तिहाई जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, जिसका सीधा असर जलाशयों के जल भंडारण पर पड़ा है।
खरीफ फसल, पेयजल और बिजली पर बढ़ सकता है दबाव
जल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले कुछ सप्ताह में जलग्रहण क्षेत्रों में अच्छी बारिश नहीं हुई, तो इसका असर कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर पड़ सकता है।
- खरीफ फसलों की सिंचाई प्रभावित हो सकती है।
- पेयजल आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है।
- जलविद्युत उत्पादन (Hydropower Generation) भी प्रभावित होने की आशंका है।
इन राज्यों में सबसे ज्यादा चिंता
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, 13 राज्यों में जल भंडारण पिछले 10 वर्षों के औसत से कम दर्ज किया गया है।
इन राज्यों में शामिल हैं:
- हिमाचल प्रदेश
- पंजाब
- बिहार
- झारखंड
- मेघालय
- मिजोरम
- नागालैंड
- ओडिशा
- पश्चिम बंगाल
- कर्नाटक
- केरल
- तमिलनाडु
- तेलंगाना
सबसे अधिक दबाव दक्षिण भारत के राज्यों कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना पर देखा जा रहा है, जहां कई प्रमुख जलाशयों का जल स्तर सामान्य से 16% से 46% तक कम है।
आगे क्या?
विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ हफ्तों में मानसून की प्रगति और विशेष रूप से जलग्रहण क्षेत्रों में होने वाली बारिश पर देश की जल सुरक्षा काफी हद तक निर्भर करेगी। यदि इन क्षेत्रों में पर्याप्त वर्षा नहीं हुई, तो आने वाले महीनों में जल संकट की चुनौती और गहरा सकती है।



