बिहार मतदाता सूची विवाद पर चिदंबरम का चुनाव आयोग पर हमला, राहुल गांधी को दस्तावेज देने का नोटिस
बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चल रहे विवाद के बीच कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने चुनाव आयोग की आलोचना की है।
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चिदंबरम ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि चुनाव आयोग कोई न्यायालय नहीं है और शिकायतों या याचिकाओं पर विचार करते समय उसे अदालत की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईसीआई एक प्रशासनिक निकाय है, जिसकी जिम्मेदारी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना है।
नियम 20(3)(बी) का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रावधान केवल ईआरओ द्वारा मतदाता सूची में नाम जोड़ने के दावे को स्वीकार या अस्वीकार करने के विशिष्ट मामलों में लागू होता है, न कि पूरे विधानसभा क्षेत्र में कथित बड़े पैमाने की हेराफेरी पर।
कांग्रेस नेता ने मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि बिहार में बूथ लेवल एजेंटों की शिकायतें स्वीकार नहीं की जा रही हैं। अगर यह सही है, तो शिकायतों पर विचार न करना लोकतांत्रिक चुनावों के अंत के समान होगा।
राहुल गांधी को चुनाव आयोग का नोटिस
कर्नाटक और हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के रिमाइंडर के बाद चुनाव आयोग ने एक बार फिर अपना सख्त रुख दोहराते हुए कहा कि राहुल गांधी के पास अब भी कर्नाटक सीईओ के पहले पत्र और हरियाणा सीईओ के रिमाइंडर पर स्पष्टीकरण देने या देश से माफी मांगने का समय है।
कर्नाटक के सीईओ ने गांधी से चुनाव आयोग पर लगाए गए वोट चोरी के आरोपों की जांच के लिए वे दस्तावेज मांगे हैं, जिन्हें उन्होंने हाल ही में दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाया था।
आयोग ने यह भी कहा कि गांधी ने दावा किया था कि रिकॉर्ड के अनुसार शकुन रानी नामक महिला ने दो बार वोट डाला, लेकिन जांच में शकुन रानी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने सिर्फ एक बार मतदान किया था, दो बार नहीं।


