करीब छह साल बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उत्तर कोरिया का ऐतिहासिक दौरा किया और राजधानी प्योंगयांग पहुंचते ही उन्हें भव्य गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। 2019 के बाद यह उनका पहला आधिकारिक नॉर्थ कोरिया दौरा है, जिसने वैश्विक राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
दौरे के दौरान शी जिनपिंग और उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन के बीच अहम शिखर वार्ता हुई। दोनों नेताओं ने रणनीतिक सहयोग बढ़ाने और द्विपक्षीय रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया।
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चीन की सरकारी एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, शी जिनपिंग ने विशेष भोज कार्यक्रम में कहा कि चीन और उत्तर कोरिया सिर्फ पड़ोसी नहीं, बल्कि “एक साझा भविष्य वाले साझेदार” हैं। उन्होंने संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच आर्थिक, राजनीतिक और जनसंपर्क स्तर पर सहयोग और मजबूत किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस मुलाकात के पीछे एशिया की बदलती भू-राजनीति और अमेरिका के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने की रणनीति भी छिपी हो सकती है।



