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गाजा युद्धविराम प्रस्ताव पर अमेरिका का वीटो,UNSC में अकेला विरोधी देश बना
अमेरिका ने गाजा में ‘बिना किसी शर्त और स्थायी’ युद्धविराम की मांग करने वाले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के मसौदा प्रस्ताव को वीटो कर दिया। इस प्रस्ताव के पक्ष में अन्य 14 सदस्य देशों ने मतदान किया, जबकि केवल अमेरिका ने इसका विरोध किया।
प्रस्ताव में थीं बंधकों की रिहाई और मानवीय सहायता की मांग
मसौदा प्रस्ताव में गाजा में सभी बंधकों की रिहाई, मानवीय सहायता पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने, और युद्धविराम की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित किया गया था। इसके बावजूद अमेरिका ने इसे वीटो करते हुए रोक दिया।

अमेरिका की सफाई: प्रस्ताव कूटनीतिक प्रयासों को कमजोर करेगा”
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत डोरोथी शिया ने कहा कि यह प्रस्ताव गाजा में युद्धविराम के लिए चल रहे कूटनीतिक प्रयासों को कमजोर कर सकता है।
उन्होंने कहा, हम किसी ऐसे कदम का समर्थन नहीं करेंगे जो हमास की निंदा नहीं करता और जो हमास से हथियार छोड़ने और गाजा छोड़ने की मांग नहीं करता।”
UN में हमास को आतंकवादी संगठन नहीं माने जाने पर भी जताई आपत्ति
डोरोथी शिया ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि संयुक्त राष्ट्र ने हमास को आतंकवादी संगठन नहीं माना है, जो अमेरिका की नीति के विरुद्ध है।
गाजा में मौत का आंकड़ा 54,000 पार
हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 7 अक्टूबर से शुरू हुए संघर्ष के बाद से गाजा में अब तक कम से कम 54,000 लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।
इस वीटो के बाद अमेरिका की भूमिका और नीति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना की संभावना बढ़ गई है।



