ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि उसके विदेश मंत्री अब्बास अरागची के इस्लामाबाद दौरे के दौरान अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं होगी। ईरान अपनी बात पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाएगा।
ईरान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक शनिवार को अरागची के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंचा है। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांति को बढ़ावा देना और मौजूदा तनाव को कम करना है।
👉 यह भी पढ़ें:
- किराना हिल्स पर बड़ा खुलासा: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान क्या हुआ था?
- ईरान पर अमेरिका का अब तक का सबसे बड़ा ‘आर्थिक हमला’! स्कॉट बेसेंट के बयान से बढ़ा तनाव
- होर्मुज स्ट्रेट को ‘नया अमेरिकी क्षेत्र’ बताने वाला ट्रंप का नक्शा, ईरान से फिर बढ़ा तनाव
- अरागची का फ्रांस पर तीखा हमला: ‘मानवाधिकार’ के मुद्दे पर क्यों बढ़ा विवाद?
- ट्रंप का ईरान को कड़ा संदेश: ‘होर्मुज स्ट्रेट पर हमारा पूरा नियंत्रण’, बढ़ सकता है तनाव
- होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का बड़ा ऐलान: अमेरिका की 6 शर्तें पूरी होने तक नहीं खुलेगा समुद्री रास्ता, दुनिया की बढ़ी चिंता
उन्होंने साफ किया कि इस यात्रा के दौरान ईरान और अमेरिका के बीच किसी भी तरह की आमने-सामने बैठक की कोई योजना नहीं है। ईरान अपनी बात पाकिस्तान के माध्यम से ही अमेरिका तक पहुंचाएगा।
इस दौरे के दौरान अब्बास अरागची पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मुलाकात कर सकते हैं। बातचीत में क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
इस्लामाबाद के बाद अरागची मस्कट और मॉस्को का भी दौरा करेंगे। यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब व्हाइट हाउस ने संकेत दिया था कि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत के नए रास्ते तलाश रहा है।
हालांकि, अब ईरान के इस स्पष्ट रुख के बाद साफ हो गया है कि फिलहाल कोई सीधी बातचीत नहीं होगी और कूटनीतिक संदेशों के लिए पाकिस्तान भूमिका निभाएगा।



