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अमेरिका ने इस्पात और एल्युमीनियम शुल्क पर WTO वार्ता से किया इनकार: भारत ने जताई आपत्ति
जितिन प्रसाद ने लोकसभा में दी जानकारी, कहा– भारत ने रियायतें निलंबित करने का अधिकार सुरक्षित रखा है
वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में जानकारी दी कि अमेरिका ने इस्पात, एल्युमीनियम और संबंधित मूल उत्पादों पर लगाए गए शुल्क को लेकर विश्व व्यापार संगठन (WTO) के एक समझौते के तहत भारत द्वारा प्रस्तावित वार्ता के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया है।

राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला दे रहा अमेरिका
जितिन प्रसाद के अनुसार, अमेरिका का कहना है कि ये शुल्क राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर लगाए गए हैं, इसलिए ये WTO के सामान्य व्यापारिक नियमों के तहत नहीं आते। हालांकि भारत का मानना है कि ऐसे उपाय सुरक्षा उपाय माने जाते हैं, जिन्हें WTO के Agreement on Safeguards (AoS) के तहत औपचारिक रूप से अधिसूचित किया जाना चाहिए था और परामर्श प्रक्रिया के तहत लाया जाना जरूरी था।
भारत ने रियायतें निलंबित करने का अधिकार रखा सुरक्षित
केंद्रीय मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत ने समतुल्य व्यापार रियायतों को निलंबित करने का अपना अधिकार सुरक्षित रखा है, जो WTO नियमों के अंतर्गत सदस्य देशों को उपलब्ध है। यह कदम भारत के किसानों और घरेलू उद्योगों के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है।
संवेदनशील और बहिष्कृत सूचियों का उपयोग
मंत्री ने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार वार्ताओं में संवेदनशील, नकारात्मक या बहिष्कृत सूचियों को शामिल करना नीति के रूप में स्वीकृत है, ताकि देश के कृषि, लघु उद्योग और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों को संरक्षण दिया जा सके।



