अगर आप अपने फोन में एमआधार ऐप का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि जल्द ही एमआधार ऐप को बंद कर दिया जाएगा। इसकी जगह अब नया “आधार” ऐप लाया गया है, जिसे पहले से ज्यादा सुरक्षित, आधुनिक और उपयोग में आसान बनाया गया है।
नए ऐप में लोगों की निजी जानकारी की सुरक्षा पर खास जोर दिया गया है, ताकि आधार से जुड़ा डेटा गलत हाथों में न पहुंचे। ऐसे में पुराने ऐप का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए यह बदलाव जानना बेहद जरूरी हो गया है।
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एमआधार ऐप अपने समय में डिजिटल आधार वॉलेट के रूप में काफी उपयोगी साबित हुआ था, लेकिन अब बदलती जरूरतों और बढ़ती डिजिटल सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए नया ऐप तैयार किया गया है। पुराने ऐप में जब भी किसी होटल, अस्पताल या सरकारी दफ्तर में आधार दिखाया जाता था, तब कई बार पूरी व्यक्तिगत जानकारी साझा हो जाती थी। इसी परेशानी को खत्म करने के लिए नए आधार ऐप को विकसित किया गया है।
नए ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब उपयोगकर्ताओं को सिर्फ उतनी ही जानकारी साझा करनी होगी, जितनी किसी काम के लिए जरूरी हो। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी जगह केवल उम्र की पुष्टि करनी है, तो सिर्फ उम्र से जुड़ी जानकारी साझा की जा सकेगी। पूरा आधार नंबर या घर का पता बताने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
यह नया सिस्टम डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण कानून को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य लोगों की निजी जानकारी को सुरक्षित रखना और डेटा के गलत इस्तेमाल को रोकना है।
नया आधार ऐप पहले से कहीं ज्यादा उन्नत माना जा रहा है। इसमें चेहरे से पहचान सत्यापन, क्यूआर कोड आधारित पहचान और जरूरत के अनुसार सीमित जानकारी साझा करने जैसी सुविधाएं दी गई हैं। इसके अलावा फिंगरप्रिंट, चेहरा और आईरिस लॉक करने जैसे सुरक्षा फीचर भी जोड़े गए हैं, जिससे आपकी जानकारी और अधिक सुरक्षित रहेगी।
एक और खास सुविधा यह है कि अब एक ही फोन में परिवार के पांच लोगों तक की आधार प्रोफाइल जोड़ी जा सकेगी।
प्राधिकरण ने लोगों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक ऐप ही डाउनलोड करें। इसके लिए अपने मोबाइल के आधिकारिक ऐप स्टोर पर जाकर “आधार” नाम से ऐप खोजें। वहां पहचान चिन्ह वाला आधिकारिक ऐप दिखाई देगा।
ऐप डाउनलोड करने के बाद उपयोगकर्ता को अपनी पसंद की भाषा चुननी होगी। इसके बाद आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए सत्यापन संदेश के जरिए पहचान पूरी करनी होगी। सुरक्षा के लिए चेहरा स्कैन करने की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है। फिर सुरक्षा पिन बनाकर 12 अंकों वाला आधार नंबर जोड़ना होगा।
सबसे अहम बात यह है कि पुराने एमआधार ऐप का डेटा नए ऐप में अपने आप स्थानांतरित नहीं होगा। यानी पहले से सेव आधार पीडीएफ, क्यूआर कोड और परिवार की प्रोफाइल दोबारा जोड़नी पड़ेगी।



