इंदौर। सहकारिता विभाग के सहायक आयुक्त अजय पाल सिंह बिलोदिया के प्रमोशन की तैयारी चल रही है। ये वहीं बिलोदिया हैं, जो ट्रांसफर हो जाने के बाद एक साल तक विभाग से गायब थे। इन्हें नोटिस भी दिया गया था, लेकिन सारे नियमों का उल्लंघन कर वरिष्ठ अधिकारी इन्हें प्रमोट कर रहे हैं।
17 जून 2025 को हुआ था ट्रासफर
सहायक आयुक्त बिलोदिया का 17 जून 2025 को इंदौर से श्योपुर ट्रांसफर कर दिया गया था। इसके बाद भी ये इंदौर से रवाना नहीं हुआ। इतना ही नहीं संयुक्त आयुक्त बीएल मकवाना, बिलोदिया से काम भी कराते रहे और इंदौर से रिलीव नहीं किया।
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एक साल तक विभाग में ही नहीं पहुंचे
जब कई शिकायतें हुईं और भोपाल से दबाव बना तो मकवाना ने सहायक आयुक्त बिलोदिया को पिछले साल अक्टूबर में रिलीव किया। इसके बावजूद बिलोदिया श्योपुर ज्वाइन नहीं हुए। सूत्र बताते हैं कि बिलोदिया पूरे एक साल तक विभाग में नहीं पहुंचे। इसके बाद 15 जून 2026 को बिलोदिया का ट्रांसफर कैंसिल कर बुरहानपुर कर दिया गया।
धारा 10 और 14 के तहत मिला है नोटिस
करीब एक साल तक गायब रहने के कारण बिलोदिया को रजिस्ट्रार, सहकारिता ने धारा 10 और 14 के तहत नोटिस जारी किया। इसमें उनसे पूछा गया कि वे एक साल तक कहां गायब रहे। इसके साथ ही उन्हें आरोप पत्र भी दिया गया था।
अब नियम विरुद्ध मिल रहा प्रमोशन
सहकारिता पदोन्नति सेवा अधिनियम 2025 में यह साफ-साफ लिखा है कि अगर किसी को धारा 10 और 14 का नोटिस मिला हो या फिर आरोप पत्र दिया गया हो या विभागीय जांच हो तो उसका ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। उनका आरोप पत्र या नोटिस अभी नस्तीबद्ध नहीं हुआ है। इसके बाद भी सारे नियमों की अनदेखी कर उनके प्रमोशन की तैयारी चल रही है। सूत्र बताते है कि सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार और प्रिंसिपल सेक्रेटरी मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के कार्यालय इंदौर में हैं और बिलोदिया की डीपीसी चल रही है। सारे नियमों की ताक पर रख उनका प्रमोशन आदेश भी आ जाएगा।



