इंदौर। यूपी में अयोध्या के राम मंदिर, उत्तराखंड में बदरीनाथ धाम के बाद अब मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर नलखेड़ा में भी दान चोरी को आरोप लगे हैं। दान व्यवस्था में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद कलेक्टर प्रीति यादव ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बना दी है। यह समिति मंदिर परिसर में समानांतर दान संग्रह, निजी बैंक खातों के उपयोग तथा वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की जांच करेगी।
मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा से जुड़े गंभीर आरोपों के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। आगर-मालवा कलेक्टर द्वारा 7 जुलाई 2026 को जारी आदेश के अनुसार मंदिर परिसर में गैर-शासकीय समिति द्वारा कथित रूप से सरकारी प्रबंधन समिति से अलग दान एवं चढ़ावा लेने, निजी बैंक खातों के उपयोग तथा वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इन्हीं शिकायतों की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय संयुक्त जांच दल गठित किया गया है।
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जांच समिति में कौन-कौन शामिल?
कलेक्टर के आदेश के अनुसार गठित जांच समिति की अध्यक्षता बी.एस. सोलंकी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, आगर-मालवा करेंगे। मनीष सोलंकी, जिला कोषालय अधिकारी तथा मिनी अग्रवाल, मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगर परिषद नलखेड़ा को सदस्य बनाया गया है। समिति को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर 7 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन बिन्दुओं पर होग जांच
कलेक्टर के आदेश में जांच के लिए निम्न प्रमुख बिंदु तय किए गए हैं—
* मंदिर परिसर में किसी गैर-शासकीय अथवा अपंजीकृत समिति द्वारा समानांतर दान व्यवस्था का संचालन।
* दान एवं चढ़ावे से प्राप्त नकदी, स्वर्ण एवं रजत आभूषणों का सत्यापन।
* संबंधित रसीद पुस्तिकाओं, बैंक खातों एवं वित्तीय अभिलेखों की जांच।
* निजी बैंक खातों के कथित उपयोग की पड़ताल।
* किसी शासकीय अधिकारी, कर्मचारी, मंदिर प्रबंधन अथवा अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका एवं उत्तरदायित्व का परीक्षण।
निरीक्षण कर जुटाए जाएंगे साक्ष्य
आदेश के अनुसार जांच दल मंदिर परिसर का निरीक्षण करेगा, आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण करेगा, संबंधित पक्षों के बयान दर्ज करेगा तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा। रिपोर्ट में आवश्यक अनुशंसाएं भी शामिल की जाएंगी। प्रशासन ने संबंधित विभागों, तहसीलदार, जनपद पंचायत एवं मंदिर प्रशासन को जांच में पूर्ण सहयोग देने के निर्देश दिए हैं।
रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
यदि जांच में शिकायतों की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। वहीं यदि आरोप प्रमाणित नहीं होते हैं तो जांच रिपोर्ट उसी अनुरूप प्रस्तुत की जाएगी। फिलहाल प्रशासन ने किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी घोषित नहीं किया है। धार्मिक संस्थानों में दान व्यवस्था की पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता मानी जा रही है। इस जांच रिपोर्ट पर अब श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की नजर बनी हुई है।
देश का प्रसिद्ध शक्ति पीठ है नलखेड़ा
मां बगलामुखी मंदिर नलखेड़ा देश के प्रमुख शक्ति पीठों में गिना जाता है। ऐसे में दान व्यवस्था से जुड़े आरोपों पर प्रशासन द्वारा गठित जांच समिति महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फिलहाल मामला जांच के अधीन है और अंतिम निष्कर्ष समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। इसलिए किसी भी आरोप को जांच पूरी होने से पहले अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा।



