👉 यह भी पढ़ें:
- भारत पर कमजोर मानसून का बड़ा संकट! 2009 के बाद सबसे कम बारिश का खतरा, फसलों और महंगाई पर असर संभव
- हिमाचल में सुबह-सुबह कांपी धरती, शिमला में 4.0 तीव्रता का भूकंप; चंबा में भी महसूस हुए झटके
- UPI के 10 साल पूरे: ₹314 लाख करोड़ के लेनदेन तक पहुंचा भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम
- सेमीफाइनल का सपना टूटा! ऑस्ट्रेलिया से 0-0 ड्रॉ के बाद महिला हॉकी वर्ल्ड कप से बाहर हुआ भारत
- मनुस्मृति पर राहुल गांधी के बयान से सियासत गरम, निशिकांत दुबे का पलटवार
- चीन के किंघई में 5.6 तीव्रता का भूकंप, 10 किमी गहराई पर था केंद्र; जानें क्यों बार-बार कांपता है पश्चिमी चीन
0:00 left
नई दिल्ली। सोमवार को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में भूकंप के झटकों से लोगों की नींद खुली। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.6 मापी गई। नेशनल सीस्मोलॉजी सेंटर के मुताबिक, यह भूकंप सुबह 4 बजकर 32 मिनट 58 सेकंड पर आया। झटके महसूस होते ही लोग घरों से बाहर भागे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस भूकंप का केंद्र लद्दाख की राजधानी लेह में 34.35 उत्तरी अक्षांश और 78.06 पूर्वी देशांतर पर 10 किमी गहराई में था। स्थानीय लोगों ने बताया कि भूकंप के झटकों से ही उनकी नींद खुली और फिर वो घरों से बाहर निकल आए। हालांकि इस भूकंप के किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
उल्लेखनीय है कि लद्दाख हिमालय पर्वत के पास स्थित है, इसी वजह से भूकंप के लिहाज से यह संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। यहां छोटे–छोटे भूकंप का आना सामान्य बात है, लेकिन बड़े भूकंप का खतरा भी बना रहता है। इस बार जो भूकंप आया है, वो सामान्य है। ऐसे भूकंप से नुकसान की संभावना कम रहती है।
भूकंप के झटके महसूस होते ही ज्यादातर लोग नींद से जाग गए और घरों से बाहर निकल आए।. प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने स्थिति पर नजर रखी हुई है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करें। भूकंप के बाद मौसम विभाग और भूकंप विज्ञानियों की टीम क्षेत्र में स्थिति का जायजा ले रही है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी इस क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियां संभव हैं, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।



